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जलभराव पर तीन अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:24 AM IST
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भारी बारिश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अल्लापुर बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन में पर्याप्त मात्रा में पंप होने के बावजूद शुक्रवार को जलभराव के दौरान उसे न चलाना जल निगम और जलकल विभाग के अभियंताओं को महंगा पड़ गया। शनिवार सुबह पंपिंग स्टेशनों और एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर राजन शुक्ला ने जलभराव के लिए जिम्मेदार मानते हुए जल निगम के एक एक्सईएन समेत जलकल विभाग के एक्सईएन एवं जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
सुबह नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय, एडीएम सिटी डॉ.विपिन मिश्र, जल निगम एवं जलकल विभाग के अभियंताओं, पार्षद विनय कुमार मिश्र के साथ कमिश्नर बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन पहुंचे। उन्होंने जल निगम तथा जलकल विभाग के एक्सईएन एसपी मलिक एवं आरडी यादव से पंपिंग स्टेशन में लगे पंपों एवं जलनिकासी के बारे में पूछा। एक्सईएन पंपिंग स्टेशन को पूरी क्षमता से न चला पाने का कारण नहीं बता सके। यहां 10 क्यूसेक का एक खराब पंप और परिसर में गंदगी होने पर नाराजगी जताई। कमिश्नर ने दोनों एक्सईएन को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया।
जलकल के जेई दिनेश शर्मा ने बताया कि पंपिंग स्टेशन की क्षमता 160 क्यूसेक है, जिसमें से 120 क्यूसेक की पंपिंग की जा रही है। यहां 10 क्यूसेक नौ और 30 क्यूसेक के तीन पंप हैं। इसमें से 10 क्यूसेक का एक पंप खराब है। कमिश्नर ने पहले से वैकल्पिक मोटर न रखने और क्षमता से कम की पंपिंग किए जाने पर जेई को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। पांच क्यूसेक के तीन नए ट्राली माउंटेड मोबाइल पंप को न चलाने पर कमिश्नर ने एक्सईएन मलिक से नाराजगी जताई। पूछा कि मानसून का इंतजार करने के बजाए व्यवस्था स्वत:संचालित क्यों नहीं है। उन्होंने जलनिकासी के लिए सभी पंप चलाने और साफ-सफाई का निर्देश दिया। उन्होंने बाघम्बरी गद्दी से पानी निकालने के लिए पांच क्यूसेक दो पंप लगाने का निर्देश दिया।
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कमिश्नर दारागंज मोरी गेट एसटीपी पहुंचे। 12 एमएलडी के इस स्टेशन में तीन पंप लगे हैं। निरीक्षण के दौरान मोरी गेट पंपिंग स्टेशन पर गंगा बेसिन में बने स्लूज के लीकेज गेट के स्थान पर नए गेट के लिए अवस्थापना निधि से स्टीमेट तैयार करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने नगर आयुक्त को जलभराव वाले इलाकों में बीमारियों से बचने के लिए चूना, ब्लीचिंग छिड़काव का निर्देश दिया। साथ ही पीने के पानी के लिए टैंकर लगाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने बाघम्बरी गद्दी, कैलाशपुरी आदि इलाकों से जल्दी जलनिकासी के लिए पांच क्यूसेक के दो अतिरिक्त पंप लगाने का निर्देश दिया, लेकिन अफसरों ने पंप नहीं लगाए। उधर, पानी की निकासी न होने के कारण घरों में फंसे लोगों को आवश्यक सामान लेने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पार्षद विनय कुमार मिश्र ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश के बावजूद शाम छह बजे तक पंप नहीं लगाए गए, जिसकी वजह से बाघम्बरी रोड कैलाशपुरी कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में पानी भरा रहा। पार्षद शिव सेवक सिंह ने बताया कि इसकी वजह से अल्लापुर में कैलाशपुरी कॉलोनी और भैंसा पांडे नाले से लगी शर्मा चक्की वाली गली में शनिवार शाम तक पानी नहीं निकल सका।
बारिश के दौरान जलभराव होने के पर शुक्रवार को अल्लापुर का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम संजय कुमार ने एमएल कॉन्वेंट स्कूल खुला होने पर प्रबंधन पर नाराजगी जताई थी। स्कूल की प्रधानाचार्या श्यामलता यादव ने इस संबंध में शनिवार को स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जलभराव के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही इस संबंध में प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
प्रधानाचार्या ने बताया कि स्कूल प्रतिदिन की भांति सुबह सात बजे खुला। उस वक्त तक बारिश नहीं हो रही थी। करीब 7.30 बजे मौसम खराब हुआ और मूसलाधार बारिश की शुरूआत हुई। देखते ही देखते 10 मिनट के अंदर चारों तरफ पानी भरने लगा। ऐसी स्थिति में बच्चों को अचानक विद्यालय से छोड़ा नहीं जा सकता था। प्रबंधन ने तुरंत बच्चों को स्कूल के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अभिभावकों को सूचना दी गई कि आकर बच्चों को ले जाएं। आधे घंटे बाद ही अभिभावक बच्चों को लेने आ गए। जो बच्चे विद्यालय में रह गए थे उन्हें प्रबंधन एवं मोहल्ले के लोगों के सहयोग से सुरक्षित निकालकर घर पहुंचवाया गया।
प्रधानाचार्या ने कहा कि जलभराव की स्थिति जिला प्रशासन के कारण उत्पन्न हुई न कि विद्यालय प्रबंधक के कारण। विद्यालय प्रबंधक को जानकारी थी कि बख्शी बांध का पंप कार्य कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि तीन पंप बेकार हैं। पंप खराब होने के कारण ही विद्यालय परिसर एवं क्षेत्र में जलभराव हुआ। बताया कि विद्यालय प्रबंधन ने परिसर में रेन वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम भी लगा रखा है। विद्यालय परिसर एवं क्षेत्र में जलभराव के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का फोन नहीं आया। दोपहर बाद दो बजे एनडीआरएफ एवं जल पुलिस के आने पर शिक्षक एवं कर्मचारी विद्यालय से बाहर आए।
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सुबह नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय, एडीएम सिटी डॉ.विपिन मिश्र, जल निगम एवं जलकल विभाग के अभियंताओं, पार्षद विनय कुमार मिश्र के साथ कमिश्नर बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन पहुंचे। उन्होंने जल निगम तथा जलकल विभाग के एक्सईएन एसपी मलिक एवं आरडी यादव से पंपिंग स्टेशन में लगे पंपों एवं जलनिकासी के बारे में पूछा। एक्सईएन पंपिंग स्टेशन को पूरी क्षमता से न चला पाने का कारण नहीं बता सके। यहां 10 क्यूसेक का एक खराब पंप और परिसर में गंदगी होने पर नाराजगी जताई। कमिश्नर ने दोनों एक्सईएन को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया।
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जलकल के जेई दिनेश शर्मा ने बताया कि पंपिंग स्टेशन की क्षमता 160 क्यूसेक है, जिसमें से 120 क्यूसेक की पंपिंग की जा रही है। यहां 10 क्यूसेक नौ और 30 क्यूसेक के तीन पंप हैं। इसमें से 10 क्यूसेक का एक पंप खराब है। कमिश्नर ने पहले से वैकल्पिक मोटर न रखने और क्षमता से कम की पंपिंग किए जाने पर जेई को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। पांच क्यूसेक के तीन नए ट्राली माउंटेड मोबाइल पंप को न चलाने पर कमिश्नर ने एक्सईएन मलिक से नाराजगी जताई। पूछा कि मानसून का इंतजार करने के बजाए व्यवस्था स्वत:संचालित क्यों नहीं है। उन्होंने जलनिकासी के लिए सभी पंप चलाने और साफ-सफाई का निर्देश दिया। उन्होंने बाघम्बरी गद्दी से पानी निकालने के लिए पांच क्यूसेक दो पंप लगाने का निर्देश दिया।
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कमिश्नर दारागंज मोरी गेट एसटीपी पहुंचे। 12 एमएलडी के इस स्टेशन में तीन पंप लगे हैं। निरीक्षण के दौरान मोरी गेट पंपिंग स्टेशन पर गंगा बेसिन में बने स्लूज के लीकेज गेट के स्थान पर नए गेट के लिए अवस्थापना निधि से स्टीमेट तैयार करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने नगर आयुक्त को जलभराव वाले इलाकों में बीमारियों से बचने के लिए चूना, ब्लीचिंग छिड़काव का निर्देश दिया। साथ ही पीने के पानी के लिए टैंकर लगाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने बाघम्बरी गद्दी, कैलाशपुरी आदि इलाकों से जल्दी जलनिकासी के लिए पांच क्यूसेक के दो अतिरिक्त पंप लगाने का निर्देश दिया, लेकिन अफसरों ने पंप नहीं लगाए। उधर, पानी की निकासी न होने के कारण घरों में फंसे लोगों को आवश्यक सामान लेने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पार्षद विनय कुमार मिश्र ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश के बावजूद शाम छह बजे तक पंप नहीं लगाए गए, जिसकी वजह से बाघम्बरी रोड कैलाशपुरी कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में पानी भरा रहा। पार्षद शिव सेवक सिंह ने बताया कि इसकी वजह से अल्लापुर में कैलाशपुरी कॉलोनी और भैंसा पांडे नाले से लगी शर्मा चक्की वाली गली में शनिवार शाम तक पानी नहीं निकल सका।
बारिश के दौरान जलभराव होने के पर शुक्रवार को अल्लापुर का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम संजय कुमार ने एमएल कॉन्वेंट स्कूल खुला होने पर प्रबंधन पर नाराजगी जताई थी। स्कूल की प्रधानाचार्या श्यामलता यादव ने इस संबंध में शनिवार को स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जलभराव के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही इस संबंध में प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
प्रधानाचार्या ने बताया कि स्कूल प्रतिदिन की भांति सुबह सात बजे खुला। उस वक्त तक बारिश नहीं हो रही थी। करीब 7.30 बजे मौसम खराब हुआ और मूसलाधार बारिश की शुरूआत हुई। देखते ही देखते 10 मिनट के अंदर चारों तरफ पानी भरने लगा। ऐसी स्थिति में बच्चों को अचानक विद्यालय से छोड़ा नहीं जा सकता था। प्रबंधन ने तुरंत बच्चों को स्कूल के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अभिभावकों को सूचना दी गई कि आकर बच्चों को ले जाएं। आधे घंटे बाद ही अभिभावक बच्चों को लेने आ गए। जो बच्चे विद्यालय में रह गए थे उन्हें प्रबंधन एवं मोहल्ले के लोगों के सहयोग से सुरक्षित निकालकर घर पहुंचवाया गया।
प्रधानाचार्या ने कहा कि जलभराव की स्थिति जिला प्रशासन के कारण उत्पन्न हुई न कि विद्यालय प्रबंधक के कारण। विद्यालय प्रबंधक को जानकारी थी कि बख्शी बांध का पंप कार्य कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि तीन पंप बेकार हैं। पंप खराब होने के कारण ही विद्यालय परिसर एवं क्षेत्र में जलभराव हुआ। बताया कि विद्यालय प्रबंधन ने परिसर में रेन वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम भी लगा रखा है। विद्यालय परिसर एवं क्षेत्र में जलभराव के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का फोन नहीं आया। दोपहर बाद दो बजे एनडीआरएफ एवं जल पुलिस के आने पर शिक्षक एवं कर्मचारी विद्यालय से बाहर आए।