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High Court : संदेह से परे अपराध साबित न होने पर हत्या मामले में तीन दोषी बरी
Wed, 29 Jul 2026 07:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:26 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने हत्या के मामले में सुनाई गई सजा रद्द कर दी। तीन दोषियों अनूप दुबे, कपिल शर्मा और आकाश उर्फ अक्कू को बरी कर दिया।
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अदालत से मिली जमानत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने हत्या के मामले में सुनाई गई सजा रद्द कर दी। तीन दोषियों अनूप दुबे, कपिल शर्मा और आकाश उर्फ अक्कू को बरी कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने दिया है।
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झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में देवेंद्र उर्फ दीपक तोमर 14 मई 2013 को लापता हुए थे। 17 मई को उनका शव मिला था। इस मामले में पुलिस ने अपीलकर्ता अनूप दुबे और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ट्रायल कोर्ट ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और धमकी देने के आरोप में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। आरोपियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपील दायर की।
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हाईकोर्ट ने पाया कि बरामद शव अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। पोस्टमार्टम से मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। कंकाल की डीएनए जांच भी नहीं कराई गई। इससे उसकी पहचान सुनिश्चित नहीं हो सकी। कारतूस बरामदगी के स्वतंत्र गवाहों से पूछताछ नहीं की गई। इन सभी कमियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने तीनों अपीलें स्वीकार करते हुए दोषियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
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