जिनके पास आधार नहीं उन्हें योजनाओं से होना पड़ेगा वंचित
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पात्र होने के बावजूद हजारों लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से वंचित होना पड़ेगा। इनके पास आधार कार्ड ही नहीं है। मुश्किल यह कि लॉकडाउन की वजह आधार कार्ड बनाने का काम ठप है। वहीं प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल आधार कार्ड बनवाना उनकी प्राथमिकता में नहीं है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा केंद्र भी नहीं खोले जाएंगे। यानी, खुद के स्तर पर भी लोग आधार कार्ड नहीं बनवा पाएंगे।
55 हजार के नाम राशन कार्ड से बाहर
प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार अंत्योदय तथा विभिन्न विभागों में पंजीकृत पात्र गृहस्थी के कार्डधारकाें को मुफ्त राशन शुरू है। मंगलवार से केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत तीन महीने तक प्रति यूनिट पांच-पांच किग्रा चावल का वितरण शुरू होगा। इसका लाभ भी इन्हीं पात्रों को मिलेगा लेकिन 55 हजारों लोग पहले ही इससे योजना से बाहर हो चुके हैं।
विगत छह महीने में जिले में 55 हजार लोगों के राशन कार्ड से नाम काट दिए गए हैं। इसकी मुख्य वजह आधार कार्ड का नहीं होना है। अब ये लोग सरकार की मुफ्त राशन कार्ड योजना से वंचित हैं। इनके अलावा हजारों ऐसे लोग हैं जिनके पास आधारकार्ड नहीं है। इसकी वजह से इनके राशन कार्ड नहीं बन पाए। ऐसे में पात्र होने के बावजूद ये लोग मुफत राशन वितरण योजना से वंचित होंगे।
एक हजार की आर्थिक मदद से भी हैं वंचित
बड़ी संख्या में श्रमिक एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूर प्रदेश सरकार की एक हजार रुपये की योजना से वंचित हैं। मनरेगा में 1.87 लाख मजदूर पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में सक्रिय मजदूरों की सूची से बाहर हो गए हैं। इसकी मुख्य वजह इनके पास आधार कार्ड का न होना है। यही स्थिति श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों की भी है। एक लाख से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इसकी वजह से इन्हें एक हजार रुपये नहीं मिल पाए। इनके पंजीकरण का नवीनीकरण कराने की योजना बनाई गई है लेकिन जिनके पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें इस योजना के लाभ से वंचित होना पड़ेगा।