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महिलाओं ने की जलकल के एक्सईएन से हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:45 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई के दौरान पाइप लाइन टूटना जलकल विभाग के लिए आफत बन गया है। मुट्ठीगंज में आर्यकन्या चौराहा पर कई माह पहले टूटी पाइप की मरम्मत न होने से नाराज उसके सामने घर में रहने वाले एक परिवार महिलाओं ने शुक्रवार को जलकल विभाग के गऊघाट स्थित कार्यालय में जमकर हंगामा किया। पाइप की मरम्मत न होने से भड़की महिला एवं उसकी पुत्री ने अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राम दरश यादव से हाथापाई की। कार्यालय में तोड़फोड़ के साथ फाइलें को भी नुकसान पहुंचाया। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। एक्सईएन ने इस मामले में महिला एवं उसकी पुत्री के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में तहरीर दी है।
आर्यकन्या चौराहा पर कई माह पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी। उस दौरान उधर से गुजर रही दूसरी डाट पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। लगातार पानी रिसने से सड़क पर जमीन धंस रही थी। इसकी वजह से वहां एक मकान की दीवार में दरार आ गई थी। उस दौरान भी महिलाओं ने इस पर आपत्ति की थी। धरना तक दिया था। तब मौके पर पहुंची महापौर ने पाइप लाइन ठीक कराने के साथ मकान की दीवार भी बनवाने का आदेश दिया था, लेकिन गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने पाइप लाइन की मरम्मत ठीक से नहीं कराई। इसकी वजह से फिर से पानी रिसने से सड़क की मिट्टी धंसने लगी। ऐसा होने से महिलाओं को दोबारा मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की चिंता सताने लगी।
पाइप लाइन दुरुस्त करने की मांग महिलाएं लंबे समय से कर रही हैं, लेकिन गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में शुक्रवार को महिला और उसकी पुत्री का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने जलकल विभाग को जिम्मेदार मानते हुए गऊघाट स्थित कार्यालय पर धावा बोल दिया। एक्सईएन का कहना है कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को पाइप लाइन दुरुस्त करने के लगातार पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन वहां के अफसर इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। इसका नतीजा जलकल विभाग को भुगतना पड़ रहा है। बताया कि हमला करने वाली महिलाओं के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में तहरीर देने के साथ उसकी प्रति डीएम और एसएसपी को भी भेजी गई है।
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आर्यकन्या चौराहा पर कई माह पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी। उस दौरान उधर से गुजर रही दूसरी डाट पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। लगातार पानी रिसने से सड़क पर जमीन धंस रही थी। इसकी वजह से वहां एक मकान की दीवार में दरार आ गई थी। उस दौरान भी महिलाओं ने इस पर आपत्ति की थी। धरना तक दिया था। तब मौके पर पहुंची महापौर ने पाइप लाइन ठीक कराने के साथ मकान की दीवार भी बनवाने का आदेश दिया था, लेकिन गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने पाइप लाइन की मरम्मत ठीक से नहीं कराई। इसकी वजह से फिर से पानी रिसने से सड़क की मिट्टी धंसने लगी। ऐसा होने से महिलाओं को दोबारा मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की चिंता सताने लगी।
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पाइप लाइन दुरुस्त करने की मांग महिलाएं लंबे समय से कर रही हैं, लेकिन गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में शुक्रवार को महिला और उसकी पुत्री का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने जलकल विभाग को जिम्मेदार मानते हुए गऊघाट स्थित कार्यालय पर धावा बोल दिया। एक्सईएन का कहना है कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को पाइप लाइन दुरुस्त करने के लगातार पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन वहां के अफसर इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। इसका नतीजा जलकल विभाग को भुगतना पड़ रहा है। बताया कि हमला करने वाली महिलाओं के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में तहरीर देने के साथ उसकी प्रति डीएम और एसएसपी को भी भेजी गई है।
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