हेलो, हेलो, पापा! इसने ही मुझे गोली मारी है, मोबाइल की वाइस रिकार्डिंग ने खोला भाई को गोली मारने का राज
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हेलो, हेलो! पापा, इसने ही मुझे गोली मारी है...यह बोलते हुए खून से लथपथ 17 साल का अमरेंद्र सिंह दर्द से बेहाल होकर पिता से फोन पर ही बिलख पड़ा था, लेकिन निर्दयी बनी बहन ने इतना कहते हुए न केवल उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया बल्कि अपने इंस्पेक्टर पिता को अपनी सफाई भी दे डाली।
अपने दोनों बच्चों की करतूत सुनकर हतप्रभ इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह को जब कुछ नहीं सूझा, तो उन्होंने कहा कि ठीक है, उसे अस्पताल ले जाओ और पिस्टल छिपा दो ताकि पुलिस के हाथ न लगे। यह सुनते ही बेटी ने पिस्टल को ले जाकर बेड के कवर्ड में डाल दिया और गहनों को आलमारी से निकालकर रसोई घर में बिखेर दिया।
पुलिस के हत्थे लगी इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह और उनके बच्चों तथा पत्नी के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग ने ही इस घटना का पूरा राज खोल दिया और महज एक घंटे में पुलिस ने खुलासा कर दिया। इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह के घर में मंगलवार शाम को जो भी घटना हुई थी, उसके बारे में उन्हें तत्काल फोन करके पहले पत्नी, फिर बेटी और बेटे ने बताया था।
इसकी वाइस रिकार्डिंग उनकी बेटी के मोबाइल पर थी, जिसे उसने डिलीट कर दिया था। आईपीएस सोमेंद्र मीणा ने जब उसका मोबाइल लेकर चेक किया तो कई व्हाट्सएप चैटिंग, इंस्टाग्राम के मैसेज डिलीट मिले थे। पुलिस उन्हें रिकवर कराने की कोशिश में लगी थी, तभी पुलिस को एक वाइस रिकार्डिग के डिलीट होने की भनक लग गई। जिसके बाद सीओ करछना ने तत्काल उस वाइस रिकार्डिंग को रिकवर कराया।
रिकार्डिंग रिकवर होने के बाद सारा राज खुल गया। सीओ करछना सोमेंद्र मीणा ने बताया अगर वाइस रिकार्डिंग के डिलीट होने की जानकारी न मिलती और उसे रिकवर न कराया जाता तो इसका खुलासा हो पाना मुश्किल था। हालांकि पिस्टल कहां से आई और घटना की वजह क्या थी, इस बारे में पुलिस वाले अभी तक पुलिस कुछ नहीं बोल रही है। कुछ लोगों ने बताया कि लड़का आईपीएल में सट्टा खेलता था, उसमें हारने की वजह से घर में विवाद होता था, तो कुछ लोग और ही कहानी बता रहे हैं।
सीओ करछना के लिए पहला केस था, जो तत्काल सुलझ गया
22 सितंबर को करछना सर्किल इंचार्ज बने आईपीएस ट्रेनी सोमेंद्र मीणा के लिए मंगलवार रात की घटना न केवल चैलेजिंग थी, बल्कि उनके कैरियर की ऐसा पहला ब्लाइंड केस था, जो विभाग के ही एक कर्मचारी की नाबालिग बेटी और बेटे से जुड़ा होने की वजह से बेहद संवेदनशील भी था। उनका कहना था कि पहले ही उनका ध्यान मोबाइल पर गया था।लड़की, उसकी मां के कहने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे थे, बाहर पूछताछ कर रहे थे लेकिन घटना का जो मोटिव था, जिस तरह से कमरे में लैपटाप समेत अन्य महंगे सामान पड़े थे, उस अनुसार लूट की घटना कहीं से स्पष्ट नहीं हो रही थी। इसीलिए लड़की का मोबाइल लेकर खंगालना शुरू किया तो वाइस रिकार्डिंग हाथ लग गई। सीओ ने बताया कि अभी आज लड़की के मोबाइल की काल डिटेल्स नहीं आ पाई है। उसके आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि घटना की असली वजह क्या है।