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लॉक डाउन के बाद हो कॉपियों का मूल्यांकन मूल्यांकन
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यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन पांच मई से शुरू होने जा रहा है। लेकिन, लॉक डाउन में जगह-जगह फंसे शिक्षक इसके लिए तैयार नहीं हैं। शिक्षक विधायक सुरेेेश त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि मूल्यांकन लॉक डाउन के बाद कराया जाए या परीक्षकों के घर कॉपियां भेजकर मूल्यांकन कराया जाए।
विधायक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा। इन परिस्थितियों में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता है। वर्तमान समय में सार्वजनिक परिवहन के साधन बंद हैं और शिक्षकों का मूल्यांकन केंद्रों में पहुंचना असंभव है। ऐसे में मूल्यांकन का एक ही रास्ता बचता है कि उत्तर पुस्तिकाएं निश्चित समय के लिए परीक्षकों को दे दी जाएं और वे घर पर ही मूल्यांकन करें। इससे शिक्षक महामारी से बचेंगे और मूल्यांकन कार्य भी समय से पूरा हो जाएगा।
उधर, अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश यादव ने भी लॉक डाउन के बाद ही मूल्यांकन कार्य शुरू कराए जाने की मांग की है। कहा कि प्रदेश के कई मूल्यांकन केंद्र अति संवेदनशील क्षेत्रों में है और मोबाइल केंद्रों पर मोबाइल भी प्रतिबंधित है। ऐसे में आरोग्य सेतु एप भी औचित्यहीन हो जाएगा। इसलिए मूल्यांकन लॉक डाउन के बाद ही कराया जाए।
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विधायक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा। इन परिस्थितियों में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता है। वर्तमान समय में सार्वजनिक परिवहन के साधन बंद हैं और शिक्षकों का मूल्यांकन केंद्रों में पहुंचना असंभव है। ऐसे में मूल्यांकन का एक ही रास्ता बचता है कि उत्तर पुस्तिकाएं निश्चित समय के लिए परीक्षकों को दे दी जाएं और वे घर पर ही मूल्यांकन करें। इससे शिक्षक महामारी से बचेंगे और मूल्यांकन कार्य भी समय से पूरा हो जाएगा।
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उधर, अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश यादव ने भी लॉक डाउन के बाद ही मूल्यांकन कार्य शुरू कराए जाने की मांग की है। कहा कि प्रदेश के कई मूल्यांकन केंद्र अति संवेदनशील क्षेत्रों में है और मोबाइल केंद्रों पर मोबाइल भी प्रतिबंधित है। ऐसे में आरोग्य सेतु एप भी औचित्यहीन हो जाएगा। इसलिए मूल्यांकन लॉक डाउन के बाद ही कराया जाए।
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