फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The third day of no work in universities

विवि में तीसरे दिन कोई काम नहीं

Sat, 04 Mar 2017 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 04 Mar 2017 01:45 AM IST
विज्ञापन
The third day of no work in universities
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी कोई काम नहीं हुआ। कर्मचारी नेता के साथ मारपीट से नाराज कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। कर्मचारी कुलपति को हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं। मांग के समर्थन में उन्होंने कला से विज्ञान संकाय परिसर तक जुलूस निकाला। जुलूस में छात्रसंघ पदाधिकारी भी शामिल हुए। कुलपति की ओर से गठित कमेटी ने वार्ता का प्रस्ताव भेजा लेकिन कर्मचारी तैयार नहीं हुए। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। इसके बाद सोमवार को उन्होंने हड़ताल पर रहने के साथ सीनेट परिसर में मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा की है।
विज्ञापन


तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने संयुक्त परिषद का गठन कर विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से आंदोलन शुरू किया था लेकिन अगले दिन ही छात्र नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह की यूनियन के अध्यक्ष डॉ. संतोष सहाय से मारपीट हो गई। हालांकि घटना परिसर के बाहर की थी लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि राणा ने कुलपति की शह पर इस तरह की घटना की। इससे नाराज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
विज्ञापन


आंदोलन को और मजबूती देने के लिए छात्रसंघ के साथ मिलकर संयुक्त परिषद का गठन किया गया। मांग तथा हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों का सीनेट परिसर में जमावड़ा हुआ। वहां से उन्होंने विज्ञान संकाय परिसर तक जुलूस निकाला। जुलूस के बाद दीक्षांत समारोह मैदान में हुई सभा में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सभा को छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, उपाध्यक्ष अदील हमजा, डॉ.संतोष सहाय, छोटेलाल मौर्य, सूर्य प्रकाश मिश्रा आदि ने संबोधित किया। कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की। हड़ताल और जुलूस में बड़ी संख्या में कर्मचारी तथा छात्र नेता शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वविद्यालय में आंदोलनरत कर्मचारियों और छात्राें ने कुलपति के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

कर्मचारियों से वार्ता कर गतिरोध खत्म करने के लिए कुलपति के निर्देश पर वरिष्ठ अध्यापकों की कमेटी बनाई गई है। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर शंकर दयाल द्विवेदी की अध्यक्षता में बनी कमेटी में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर आरके सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरकेपी सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार शामिल किए गए हैं। प्रोफेसर शंकर दयाल ने कर्मचारियों को वार्ता का प्रस्ताव भेजा लेकिन वे नहीं माने। मिनिस्टीरियर स्टॉफ यूनियन के अध्यक्ष डॉ.संतोष का कहना था कि किसी कमेटी के गठन की जानकारी रजिस्ट्रार की ओर से उन्हें नहीं दी गई है। इसलिए वार्ता नहीं हो सकती। ऐसे में गतिरोध बना हुआ है।

 रजिस्ट्रार की ओर से हड़ताल में शामिल मिनिस्टीरियल एंड टेकिभनकल स्टॉफ यूनियन के अध्यक्ष डॉ.संतोष सहाय और महामंत्री हरेकृष्ण द्विवेदी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नोटिस में लिखा गया है कि वे विश्वविद्यालय विरोधी गतिविधि में शामिल हैं। इससे विश्वविद्यालय में काम बाधित हो गया है। ऐसे में उनके खिलाफ क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस नोटिस से कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सभी जरूरी काम बाधित हो गए हैं। सबसे अधिक परेशानी वार्षिक परीक्षा को लेकर है। स्नातक की वार्षिक परीक्षा 16 मार्च से घोषित है। उसकी तैयारी अंतिम दौर में लेकिन अनुभाग में तालाबंदी की वजह से सभी काम ठप हैं। यदि हड़ताल कुछ दिन और जारी रहती है तो परीक्षा में भी बाधा पहुंच सकती है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हड़ताल का इलाहाबाद डिग्री कालेज के कर्मचारियों ने भी समर्थन किया है। कालेज के शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद की शुक्रवार को हुई आपात बैठक में डॉ.संतोष सहाय के साथ मारपीट की घटना की निंदा की गई। कर्मचारियाें ने विश्वविद्यालय में कार्य करने का माहौल बनाने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। बैठक में शशांक शुक्ला, गोविंदजी स्वर्णकार, पृथ्वीपाल आदि मौजूद रहे।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक कालेज अध्यापक संघ की बैठक में कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की गई। अध्यापकों ने अपील की कि आगामी परीक्षाओं तथा छात्रहित को देखते हुए कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर गतिरोध दूर करें। विश्वविद्यालय प्रशासन से भी अपील की गई कि कर्मचारियों की समस्याओं का अविलम्ब समाधान किया जाए। शिक्षकों ने कर्मचारी नेता के साथ मारपीट की घटना की निंदा की और चिंता व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed