सर्वोच्च बलिदान देने वाले आरपीएफ के हेड कांस्टेबल का गाया गीत हुआ वायरल
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पांच वर्ष प्रयागराज जंक्शन में भी रही तैनाती, मृतक आश्रित कोटे के तहत पुत्र को मिलेगी नौकरीप्रयागराज। भरवारी रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या के लिए आई महिला को बचाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले आरपीएफ के हेड कांस्टेबल ज्ञानचंद्र द्वारा गाया गया एक गीत बृहस्पवितार को सोशल मीडिया में वायरल हो गया।
पिछले वर्ष लगे लॉक डाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेन को एस्कार्ट देने के लिए प्रयागराज से मानिकपुर तक गए ज्ञानचंद्र ने वहां अपने साथियों के आग्रह पर गीत % चल गईला छोड़ के हमके,जिंदगी भई सुनसान हो...जा हो चंदा ले आवा खबरिया.... % गाया था। सोशल मीडिया में यह गाना वायरल होने के बाद ज्ञानचंद्र के तमाम साथी गमगीन भी हो गए।
ज्ञानचंद्र के साथ काम कर चुके उनके साथियों ने बताया कि पिछले वर्ष ही उसका भरवारी के लिए तबादला हुआ था। इसके पूर्व पांच वर्ष उसकी प्रयागराज जंक्शन में ही तैनाती रही। यहां ड्यूटी ीके दौरान पिछले वर्ष श्रमिक स्पेशल को एस्त्रत्त्स्कार्ट देने के लिए वह कुछ जवानों के साथ प्रयागराज से मानिकपुर गए थे। 44 वर्ष के ज्ञानचंद्र को लोकगीत गाने का शौक था, साथियों के आग्रह पर तब उसने एक गीत गाया।
देखते ही देखते तमाम आरपीएफ कर्मियों ने ज्ञानचंद्र को याद करने के साथ अपनी श्रद्धांजलि देते हुए तकरीबन पांच मिनट का वह वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। दो बेटों के पिता ज्ञानचंद्र के निधन पर प्रयागराज मंडल के सीनियर डीएसएसी मनोज कुमार सिंह ने भी शोक व्यक्त किया। कहा कि उनके जो भी देय हैं उसका जल्द से जल्द भुगतान करवाने की प्रक्रिया की जा रही है। यह भी कहा कि मृतक आश्रित कोटे के तहत उनके एक पुत्र की नौकरी के संबंध में जरूरी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।