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Prayagraj News: गेहूं खरीद के लिए भागदौड़ पूरी, पर लक्ष्य अधूरा
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गेहूं खरीद के लिए विपणन विभाग से जुड़े अधिकारी तो भागदौड़ पूरी कर रहे हैं, इसके बाद भी जिले में सिर्फ 36.21 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो गई है। विभाग के अफसर गेहूं खरीद के लक्ष्य से कोसों दूर हैं। किसानों की उपज को व्यापारी लपक ले रहे हैं।
मेजा में 30 हजार क्विंटल के सापेक्ष अब तक छह हजार क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो पाई है। अफसर भारी-भरकम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भागदौड़ में जुटे हैं। जबकि क्षेत्र में लगभग 95 फीसदी गेहूं की कटाई हो चुकी है।
एक फरवरी से शुरू हुई गेहूं खरीद के लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसर गांव-गांव जाकर किसानों से क्रय केंद्र पर गेहूं भेजने की अपील की है।मेजा क्रय केंद्र प्रभारी शिखा पांडेय ने बताया कि 96 किसानों से 56 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, मेजारोड क्रय केंद्र प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि 90 किसानों से 42 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है।
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सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि स्थानीय व्यापारी 2450 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीद रहे हैं। 15 दिन पहले यही व्यापारी 25-26 सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीद कर रहे थे।
मेजा के किसान किशोरी लाल पटेल ने बताया कि व्यापारी गेहूं की फसल का अच्छा दाम दे रहे थे। उन्हें ही फसल बेच दी। क्रय केंद्र मेजारोड के विपणन अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि गांव-गांव जाकर किसानों को गेहूं बेचने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा गेहूं की खरीद हो।
मेजा तहसील बनाए गए हैं 15 क्रय केंद्र
मेजा तहसील में गेहूं खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग के छह केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मेजारोड, मेजा, उरुवा (चपरतला), मांडा, पथरा और बजहा शामिल हैं। इसके अलावा पीसीएफ के दो, यूपीएसएस के दो, एफसीआई के एक, पीसीयू के दो और मंडी समिति के दो गेहूं खरीद केंद्र हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि विपणन विभाग ने 30 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है।
वर्जन
गेहूं खरीद को लेकर विपणन विभाग से जुड़े अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। जिसका लाभ मिल रहा है। उम्मीद है कि गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होगा। - दशरथ कुमार उप जिलाधिकारी मेजा।
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मेजा में 30 हजार क्विंटल के सापेक्ष अब तक छह हजार क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो पाई है। अफसर भारी-भरकम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भागदौड़ में जुटे हैं। जबकि क्षेत्र में लगभग 95 फीसदी गेहूं की कटाई हो चुकी है।
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एक फरवरी से शुरू हुई गेहूं खरीद के लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसर गांव-गांव जाकर किसानों से क्रय केंद्र पर गेहूं भेजने की अपील की है।मेजा क्रय केंद्र प्रभारी शिखा पांडेय ने बताया कि 96 किसानों से 56 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, मेजारोड क्रय केंद्र प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि 90 किसानों से 42 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है।
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सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि स्थानीय व्यापारी 2450 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीद रहे हैं। 15 दिन पहले यही व्यापारी 25-26 सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीद कर रहे थे।
मेजा के किसान किशोरी लाल पटेल ने बताया कि व्यापारी गेहूं की फसल का अच्छा दाम दे रहे थे। उन्हें ही फसल बेच दी। क्रय केंद्र मेजारोड के विपणन अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि गांव-गांव जाकर किसानों को गेहूं बेचने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा गेहूं की खरीद हो।
मेजा तहसील बनाए गए हैं 15 क्रय केंद्र
मेजा तहसील में गेहूं खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग के छह केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मेजारोड, मेजा, उरुवा (चपरतला), मांडा, पथरा और बजहा शामिल हैं। इसके अलावा पीसीएफ के दो, यूपीएसएस के दो, एफसीआई के एक, पीसीयू के दो और मंडी समिति के दो गेहूं खरीद केंद्र हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि विपणन विभाग ने 30 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है।
वर्जन
गेहूं खरीद को लेकर विपणन विभाग से जुड़े अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। जिसका लाभ मिल रहा है। उम्मीद है कि गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होगा। - दशरथ कुमार उप जिलाधिकारी मेजा।