फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The proposal to declare cow as the mother of the nation will be passed in the Cow Parliament on the sands of Sangam

Prayagraj News: संगम की रेती पर गो-संसद में पारित होगा गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Dec 2023 02:09 AM IST
विज्ञापन
The proposal to declare cow as the mother of the nation will be passed in the Cow Parliament on the sands of Sangam
संगम की रेती पर पहली बार माघ मेले में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का मुद्दा उठेगा। इसके लिए ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में गो-संसद आयोजित की जाएगी। इस गो-संसद को तीन अन्य पीठों के शंकराचार्यों की सहमति मिल चुकी है।
विज्ञापन

त्रिवेणी मार्ग पर बसने वाले ज्योतिष्पीठ के शिविर में गो-संसद के आयोजन के लिए देश भर के शीर्ष संतों, महंतों और महामंडलेश्वरों को बुलावा भेजा जा रहा है। इसके लिए संतों की सहमति भी ली जा रही। छह फरवरी को शंकराचार्य शिविर में प्रस्तावित इस गो-संसद के लिए द्वारका पीठ, पुरी पीठ और शृंगेरी पीठ के शंकराचार्यों ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसके लिए संकल्प पत्र भी भरवाए जा रहे हैं। अब तक उत्तर भारत के अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर समेत कुल 15 से अधिक राज्यों के सनातनधर्मियों , प्रमुख संतों से गो भक्तों ने संपर्क किया है।
विज्ञापन

अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने सहमति पत्र जारी किया है। इसमें अखाड़ों के महामंडलेश्वर और पीठाधीश्वर भी हिस्सा लेंगे। बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने के संकल्प पत्र को भरा है और गो -संसद के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। इस अभियान क सफलता के लिए ज्योतिष्पीठ की ओर से देश भर में कुल 37 प्रभारी बनाए गए हैं। इनमें प्रयागराज मंडल के प्रभारी डॉ. एसके योगी योगिराज सरकार बताते हैं कि अब तक दो लाख से अधिक लोगों से संपर्क किया जा चुका है। जबकि, देश के तीन शंकराचार्यों के अलावा तेरहों अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भी इस गो -संसद में आने की सहमति दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस गो-संसद में साधु-संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी में गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस प्रस्ताव की प्रति माघ मेले से केंद्र और राज्य सरकार को लागू करने के लिए भेजी जाएगी। गो-संसद के प्रतिनिधियों और प्रभारियों की बैठक भी हो रह हैं। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य खुद इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि इसे सफल बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed