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दूल्हे की न परछिन ना चुमावन, मंदिर में दर्शन कर निकाली बरात
Tue, 27 Apr 2021 01:18 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 27 Apr 2021 01:18 AM IST
सार
- कोविड प्रोटोकॉल में निकली बरात में बैंडबाजा वालों को लेकर सिर्फ सात बाराती
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prayagraj news : शहर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए निकली बारात, दूल्हा घोड़ी पर।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
कोरोना संक्त्रस्मण ने रीति-रिवाजों और संस्कारों पर भी असर डाल दिया है। अब दुल्हनों की डोलियां भी ऐसे उठ रही हैं, जैसे गुड्डे -गुड्डी का खेल हो। सोमवार को कटरा से कोविड-19 के प्रोटोकॉल में निकली बारात बारात में ऐसा की दृश्य सामने आया। इस बारात में दूल्हे, सहबाला के अलावा बैंडबाजा और बारातियों को लेकर गिनती के सात लोग ही शामिल थे।
कटरा निवासी व्यापारी पवन केसरवानी के छोटे पुत्र की शादी सोमवार को कोविड प्रोटोकॉल के बीच हुई। महामारी एक्ट से बचने केलिए दूल्हे की परिछन से लेकर उसका सेहरा सजाने तक की रस्म तक पर कोविड संक्त्रस्मण का खौफ छाया रहा। अंततऱ् गिनती के परिवार केसदस्यों ने राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन पूजन कर बारात निकाली।
मजे की बात यह थी कि इस बारात में घोड़ी पर सलबाला के साथ दूल्हा सवरा था, लेकिन बराती गिनती के ही थे। दो बैंड बाजा वाले आज मेरे यार की शादी है.. की धुन बजाते चल रहे थे और परिवार का एक सदस्य डांस करता रहा। बैंडबाजा और बारातियों को मिलकर सिर्फ सात लोग ही इस बारात में शामिल हो सके। जगराम चौराहे से होकर सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पहुंच कर जयमाल की रस्म मास्क पहन कर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए पूरी कराई गई।
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कटरा निवासी व्यापारी पवन केसरवानी के छोटे पुत्र की शादी सोमवार को कोविड प्रोटोकॉल के बीच हुई। महामारी एक्ट से बचने केलिए दूल्हे की परिछन से लेकर उसका सेहरा सजाने तक की रस्म तक पर कोविड संक्त्रस्मण का खौफ छाया रहा। अंततऱ् गिनती के परिवार केसदस्यों ने राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन पूजन कर बारात निकाली।
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मजे की बात यह थी कि इस बारात में घोड़ी पर सलबाला के साथ दूल्हा सवरा था, लेकिन बराती गिनती के ही थे। दो बैंड बाजा वाले आज मेरे यार की शादी है.. की धुन बजाते चल रहे थे और परिवार का एक सदस्य डांस करता रहा। बैंडबाजा और बारातियों को मिलकर सिर्फ सात लोग ही इस बारात में शामिल हो सके। जगराम चौराहे से होकर सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पहुंच कर जयमाल की रस्म मास्क पहन कर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए पूरी कराई गई।
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