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एलटी ग्रेड रिजल्ट की अड़चन दूर
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के पेपर आउट मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दोनों विषयों का रिजल्ट जारी करने में आ रही अड़चन अब दूर होती नजर आ रही है। आरोपियों ने एसटीएफ के सामने कुबूल किया है कि सवाल रटवाने के बाद पेपर जला दिए गए थे। एसटीएफ की इस कार्रवाई से उत्साहित अभ्यर्थी अब इसी आधार पर दावा कर रहे हैं कि जब पेपर वायरल ही नहीं हुआ तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के सामने रिजल्ट जारी करने में कोई बाधा नहीं रह गई है।
हिंदी विषय में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 1433 और सामाजिक विज्ञान विषय में 1854 पदों पर भर्ती होनी है। एसटीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन दोनों आरोपियों ने भी कुबूल किया है कि हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के कुछ अभ्यर्थियों को 120-120 सवाल रटवाए गए थे और पेपर में कुल 150-150 सवाल आए थे। कुछ सवाल इसलिए छोड़ दिए गए थे, ताकि कोई अभ्यर्थी पूरे अंक न पाए और लोगों को पेपर आउट होने का शक न हो। सवाल रटवाने के बाद पेपर जला दिए गए थे। एसटी की यह विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के बीच खूब वायरल हो रही है।
एलटी समर्थक मोर्चा के संयोजक विक्की खान और मोर्चा के प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय का कहना है कि जब आरोपियों ने कुबूल कर लिया है कि कुछ अभ्यर्थियों को सवाल रटवाने के बाद मौके पर ही पेपर जला दिए गए तो इसे स्पष्ट हो गया है कि पेपर वायरल नहीं हुआ था। इसका मतलब है कि पेपर किसी को नहीं मिला और इस तथ्य के सामने आने के बाद यूपीपीएससी के सामने अब हिंदी और सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जारी करने में कोई अड़चन नहीं रह गई है।
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विक्की और अनिल का दावा है कि पिछले दिनों एलटी समर्थक मोर्चा की जब आयोग के अध्यक्ष से वार्ता हुई थी तो उन्होंने यही कहा था कि अगर पेपर वायर नहीं हुआ है तो उन्हें रिजल्ट देने में कोई आापत्ति नहीं। अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि उन्होंने एसटीएफ से जांच रिपोर्ट मांगी थी। अब सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और एसटीएफ की ओर से आयोग को जांच रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है। स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है। ऐसे में आयोग को हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट शीघ्र जारी कर देना चाहिए।
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हिंदी विषय में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 1433 और सामाजिक विज्ञान विषय में 1854 पदों पर भर्ती होनी है। एसटीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन दोनों आरोपियों ने भी कुबूल किया है कि हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के कुछ अभ्यर्थियों को 120-120 सवाल रटवाए गए थे और पेपर में कुल 150-150 सवाल आए थे। कुछ सवाल इसलिए छोड़ दिए गए थे, ताकि कोई अभ्यर्थी पूरे अंक न पाए और लोगों को पेपर आउट होने का शक न हो। सवाल रटवाने के बाद पेपर जला दिए गए थे। एसटी की यह विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के बीच खूब वायरल हो रही है।
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एलटी समर्थक मोर्चा के संयोजक विक्की खान और मोर्चा के प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय का कहना है कि जब आरोपियों ने कुबूल कर लिया है कि कुछ अभ्यर्थियों को सवाल रटवाने के बाद मौके पर ही पेपर जला दिए गए तो इसे स्पष्ट हो गया है कि पेपर वायरल नहीं हुआ था। इसका मतलब है कि पेपर किसी को नहीं मिला और इस तथ्य के सामने आने के बाद यूपीपीएससी के सामने अब हिंदी और सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जारी करने में कोई अड़चन नहीं रह गई है।
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विक्की और अनिल का दावा है कि पिछले दिनों एलटी समर्थक मोर्चा की जब आयोग के अध्यक्ष से वार्ता हुई थी तो उन्होंने यही कहा था कि अगर पेपर वायर नहीं हुआ है तो उन्हें रिजल्ट देने में कोई आापत्ति नहीं। अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि उन्होंने एसटीएफ से जांच रिपोर्ट मांगी थी। अब सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और एसटीएफ की ओर से आयोग को जांच रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है। स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है। ऐसे में आयोग को हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट शीघ्र जारी कर देना चाहिए।