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कुर्सी की जंग में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

Thu, 25 Oct 2018 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Thu, 25 Oct 2018 01:31 AM IST
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The prestige of the legend in the battle of the chair at stake
election - फोटो : pexels.com
जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला आज होगा। अविश्वास पर चर्चा से पहले की रात तक सदस्यों को मनाने की कोशिश जारी रही। कुर्सी की जंग में कई सदस्यों को नजरबंद होने की चर्चा रही तो कई वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। इस लड़ाई में दो वरिष्ठ नेताओं के आ जाने से भाजपा की खेमेबाजी खुलकर सामने आ गई है।  एक पक्ष के समर्थन में सपा के दिग्गज नेता की लामबंदी ने पूरी लड़ाई को नया मोड़ दे दिया है। दिलचस्प यह कि बाहुबल और धनबल के लिए जाने जाने वाले इस चुनाव में वरिष्ठ नेताओं के आ जाने से जाति की सियासत भी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इस चुनाव में अनुसूचित जाति के सदस्यों का वोट निर्णायक हो गया है।
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रेखा सिंह और केशरी देवी पटेल दोनों ही नेता भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचीं केशरी देवी के साथ पार्टी के कई विधायक तथा नेता मौजूद रहे। उन्हें पार्टी के ही एक कद्दावर नेता का निर्देश प्राप्त था। वहीं रेखा सिंह के समर्थन में भी एक मंत्री ने लामबंदी शुरू कर दी। इससे पार्टी को नुकसान होने की बात कहते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र देव पांडेय ने मुख्यमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से हस्तक्षेप की अपील की थी, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक से पहले तक कोई सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में दोनों पक्ष की तरफ से खेमेबाजी चरम पर पहुंच गई है।
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भाजपा नेताओं तथा जिला पंचायत सदस्यों के जाति के आधार पर भी दो धड़ों में बंटने की बात कही जा रही है। भाजपा के भीतर के खींचतान का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की इस लड़ाई में प्रभावी हस्तक्षेप रखने वाले भाजपा के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों का मोबाइल ही बंद रहा। वहीं एक पक्ष के समर्थन में पंचायत चुनाव की सियासत में माहिर सपा के दिग्गज ने पूरी कमान संभाल ली है। उनके आवास पर पंचायत सदस्यों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है। यहां तक कहा जा रहा कि बृहस्पतिवार को बैठक में कोरम ही पूरा न होने पाए इसके लिए भी दबाव बनाने जाते रहे। हालांकि, सदस्यों के मान-मन्नौवल के बीच दोनों पक्ष ने जीत का दावा किया।
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जिला पंचायत कार्यालय परिसर में चर्चा तथा मतदान की प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

पूर्व अध्यक्ष केशरी देवी पटेल ने एक अक्तूबर को रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास विश्वास का प्रस्ताव डीएम को सौंपा था। समर्थन में 64 सदस्यों ने हलफनामा भी दिया था। वहीं कुल सदस्यों की संख्या 92 है।
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