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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The power of Prayagraj and IVV was seen after decades in civil services, Pratham Shukla was the topper in 1982

UPSC Result : सिविल सेवा में दशकों बाद दिखी प्रयागराज और इविवि की शक्ति, 1982 में टॉपर थे प्रथम शुक्ला

Wed, 23 Apr 2025 04:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Apr 2025 04:36 PM IST
सार

कभी आईएएस की फैक्टरी के नाम से मशहूर इलाहाबाद विश्वविद्यालय और प्रयागराज की दशकों बाद सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा में फिर धमक सुनाई दी। प्रयागराज के खाते में न सिर्फ सर्वोच्च स्थान आया बल्कि, चयनितों की फेहरिस्त लंबी है।

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The power of Prayagraj and IVV was seen after decades in civil services, Pratham Shukla was the topper in 1982
इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कभी आईएएस की फैक्टरी के नाम से मशहूर इलाहाबाद विश्वविद्यालय और प्रयागराज की दशकों बाद सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा में फिर धमक सुनाई दी। प्रयागराज के खाते में न सिर्फ सर्वोच्च स्थान आया बल्कि, चयनितों की फेहरिस्त लंबी है।

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इलाहाबाद के शोध छात्र रहे प्रदीप शुक्ला ने 1982 में सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा को टॉप किया था। खास यह कि उन्हीं के सहपाठी और मित्र एके विश्नोई को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। जानकारों को यह याद नहीं है कि 1982 और 2025 के बीच में प्रयागराज के किसी अन्य प्रतियोगी के खाते में यह उपलब्धि आई हो।

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प्रदीप शुक्ला व एके विश्नोई के जूनियर रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश नाथ उत्तम और विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह का कहना है कि उन दिनों उन्होंने विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था और 1982 की सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा का परिणाम आया था। उसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ही धूम रही।

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प्रदीप शुक्ला टॉपर रहे। वहीं, एके विश्नोई दूसरे स्थान पर रहे। दोनाें लोग विश्वविद्यालय में भौतिकी के शोध छात्र रहे और अमरनाथ झा छात्रावास में रहते थे। खास यह कि दोनाें लोगों ने मुख्य परीक्षा में गणित और भौतिकी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।



इविवि के कई छात्र हासिल कर चुके हैं सफलता

इनके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही स्नातक और परास्नातक तथा राजनीतिक विज्ञान के शोधार्थी रहे भूपेंद्र सिंह ने सिविल सेवा भर्ती-1984 में दूसरी रैंक हासिल की थी। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफसरों और जानकारों का कहना है कि उन्हें याद नहीं कि किसी और ने यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, सिविल सर्विसेज में चयनितों का सिलसिला लगातार जारी रहा।

जानकारों के अनुसार 2009 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मानव शास्त्र विभाग के अध्यक्ष रहे प्रोफेसर सीएस सहाय की पुत्री इवा सहाय ने 2009 में तीसरी रैंक हासिल की थी और महिलाओं में टॉपर रहीं। इवा के बाद 2017 में सौम्या पांडेय ने चौथी रैंक के साथ सफलता हासिल की थी।

सौम्या ने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्याेगिकी संस्थान से बीटेक किया था लेकिन मुख्य परीक्षा में भूगोल विषय को चुना था और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर एसएस ओझा उनके मार्गदर्शक थे। 2017 में ही प्रयागराज के अभिलाष मिश्र को पांचवीं रैंक मिली थी। इसके अगले वर्ष यानि, सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा-2018 में अनुभव सिंह ने आठवीं रैंक के साथ सफलता पाई थी।
 

इविवि के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं शक्ति

सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल प्राप्त करने के लिए शक्ति दुबे को इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिवार ने शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय की पीआरओ प्रो. जया कपूर ने कहा कि विश्वविद्यालय की छात्रा की उपलब्धि से अन्य विद्यार्थी भी प्रेरित होंगे। विश्वविद्यालय में हुए बदलावों का असर दिखने लगा है। पूरब का ऑक्सफोर्ड अपना गौरव हासिल कर रहा है। भविष्य में और भी प्रतिभाएं विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाएंगी। शक्ति की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। विश्वविद्यालय का प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार के मूल्य भी भरे जाएं।

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