{"_id":"60d8c3288ebc3ef40b55451f","slug":"the-patient-wandered-wards-on-a-stretcher-for-eight-hours-in-srn-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआरएन हास्पिटल में फिर शर्मसार हुई मानवता, आठ घंटे तक भटकता रहा मरीज, आखिरकार चली गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआरएन हास्पिटल में फिर शर्मसार हुई मानवता, आठ घंटे तक भटकता रहा मरीज, आखिरकार चली गई जान
Sun, 27 Jun 2021 11:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 27 Jun 2021 11:58 PM IST
सार
- दुर्घटना के बाद कॉल्विन अस्पताल से ले जाया गया था स्वरूपरानी, बूढ़ी और अंधी मां की लाठी का सहारा भी छिन गया
विज्ञापन
prayagraj news : एसआरएन हास्पिटल में उपचार के लिए इंतजार करता मरीज।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में शनिवार की रात मानवता को एक बार फिर शर्मशार हो गई। मरीज स्ट्रेचर पर 10 घंटे तक वार्ड-वार्ड टहलता रहा लेकिन उसे सही से उपचार नहीं मिल सका। इसकी वजह से मौत हो गई। बेटे की मौत से नेत्रहीन मां का बुरा हाल है। उसके बुढ़ापे का सहारा छीन गया।
दरियाबाद निवासी टीपू (28) किसी काम से करेली की तरफ जा रहा था। इसी दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो गया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आसपास के लोग उसे कॉल्विन लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वह शनिवार की दोपहर साढ़े तीन बजे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचा था।
वहां पहुंचने पर उसे ट्रामा सेंटर, मेडिसिन आईसीयू और फिर वार्ड नंबर 18 में टहलाया जाता रहा। रात तकरीबन 12 बजे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत पर मां फूट-फूटकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि सही से उपचार न होने से उसके बेटे की मौत हो गई। उधर, चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके सक्सेना ने कहा कि वह मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरियाबाद निवासी टीपू (28) किसी काम से करेली की तरफ जा रहा था। इसी दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो गया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आसपास के लोग उसे कॉल्विन लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वह शनिवार की दोपहर साढ़े तीन बजे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचा था।
विज्ञापन
वहां पहुंचने पर उसे ट्रामा सेंटर, मेडिसिन आईसीयू और फिर वार्ड नंबर 18 में टहलाया जाता रहा। रात तकरीबन 12 बजे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत पर मां फूट-फूटकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि सही से उपचार न होने से उसके बेटे की मौत हो गई। उधर, चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके सक्सेना ने कहा कि वह मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन