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अफसरों की संवदेनहीनता में गई नील गाय की जान

Wed, 21 Oct 2015 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 21 Oct 2015 01:14 AM IST
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The nilgai lives of officers in faltering Snvden
इलाहाबाद। शहर में घुसी संरक्षित वन्य जीव नील गाय को सरकारी विभागों की लापरवाही के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। नगर निगम से लेकर वन विभाग तक के अफसरों को इस बारे में सूचना दी गई। डीएम और कमिश्नर कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया गया। एडीएम सिटी को भी बताया गया लेकिन जिंदगी और मौत से जूझती नीलगाय के पास कोई मदद नहीं पहुंची। अफसरों ने संवेदनहीनता की सभी हदें पार कर दीं। गाय की मौत के बाद उसका शव राजापुर कूड़ा अड्डे पर बोरे में बांधकर फेंक दिया गया।
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सोमवार देर रात सूचना मिली कि मैरी लूकस स्कूल के बगल में स्थित मिशन कंपाउंड कॉलोनी में नील गाय घुस गई है। पूर्व पार्षद आंनद अग्रवाल और उनकी पत्नी एवं कटरा की पार्षद सोनिका अग्रवाल मौके पर पहुंचे। नील गाय के पीछे लोग डंडा लेकर दौड़ रहे थे। इधर-उधर भागते हुए वह पानी के टैंक में जाकर गिरी और जाली में फंस गई। बाहर निकलने की कोशिश में घायल हो गई। आनंद और सोनिका ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया।
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100 नंबर की गाड़ी से कुछ पुलिस कर्मी वहां पहुंचे और दस मिनट तक तमाशबीन बनकर खड़े रहने के बाद लौट गए। इसके बाद डीएम कैम्प ऑफिस फोन मिलाया गया लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी फोन नहीं उठा। नगर निगम के पशुधन अधिकारी डॉ. धीरज गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में वन विभाग से संपर्क करें। वन विभाग के अफसरों का फोन नहीं उठा।
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मंगलवार सुबह नीलगाय किसी तरह से निकलकर कॉलोनी के पीछे वाले गेट से बाहर चली गई। थोड़ी देर बाद सूचना आई कि वह बेली रोड पर बेसिक शिक्षा कार्यालय के दफ्तर के बगल वाली गली में मृत पड़ी हुई है। आनंद वहां पहुंचे और नगर निगम को सूचना दी। नगर निगम ने ठेकेदार को मौके पर भेजा। ठेकेदार मृत नील गाय को बोरे में बांधकर ले गया और राजापुर कब्रिस्तान के बगल कूड़ा अड्डे पर फेंक कर चला गया।

इस बीच सोनिका ने प्रभागीय वनाधिकारी मनोज खरे को फोन मिलाया तो जवाब मिला कि वह अवकाश पर हैं और इस वक्त एयरपोर्ट पर हैं। उन्होंने किसी दूसरे अफसर से संपर्क करने को कहा। सोनिका से पूछा कि किससे बात की जाए तो जवाब मिला कि विभाग से पता कर लें। उधर, नीलगाय को कूड़ा अड्डे में फेंके जाने की शिकायत दर्ज कराने आनंद और उनके साथी कमिश्नर से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।


कमिश्नर नहीं मिले तो डीएम कार्यालय पहुंचे लेकिन वह भी नहीं मिले। एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता से मिलकर उन्हें मामले से अवगत कराया गया। वहां भी सिर्फ आश्वासन मिला और नील गाय का शव देर रात तक कूड़ा अड्डे पर सड़ता रहा।
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