UPPSC : सीएम तक पहुंचा कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती का मामला, आयोग ने सीएम दफ्तर को भेजी सूचना
यूपीपीएससी की ओर से 906 अभ्यर्थियों का डाटा पूर्व में दो बार भेजा जा चुका है, लेकिन यूपीएसएसएससी की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया कि डाटा निर्धारित प्रारूप में नहीं है। अब तीसरी बार यूपीपीएससी की ओर से डाटा मांगा जा रहा है, जबकि आयोग का कहना है कि पूरा डाटा भेजा जा चुका है।
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कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती शुरू करने में हो रही देरी का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने मुख्यमंत्री कार्यालय के लोक शिकायत अनुभाग को पत्र भेजकर बताया है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने निर्धारित प्रारूप में डाटा नहीं भेजा है, जिसकी वजह से भर्ती अटकी हुई है। इस मामले में अभ्यर्थी 18 अगस्त को यूपीपीएससी में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि, यूपीपीएससी की ओर से 906 अभ्यर्थियों का डाटा पूर्व में दो बार भेजा जा चुका है, लेकिन यूपीएसएसएससी की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया कि डाटा निर्धारित प्रारूप में नहीं है। अब तीसरी बार यूपीपीएससी की ओर से डाटा मांगा जा रहा है, जबकि आयोग का कहना है कि पूरा डाटा भेजा जा चुका है।
डाटा के चक्कर में 3446 पदों पर भर्ती फंसी हुई है। इस भर्ती में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ओवरएज हो चुके उन 906 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाना है, जिन्हें कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती-2013 से बाहर कर दिया गया था। यूपीएसएसएससी की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया है कि जब तक निर्धारित प्रारूप में डाटा उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक नया विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता।
अभ्यर्थियों को यह भी बताया गया है कि यूपीपीएससी से डाटा की प्रमाणित हार्डकॉपी मांगी गई थी, लेकिन आयोग ने उपलब्ध नहीं कराई और जो डाटा दिया, वह एनआईसी की ओर से निर्धारित किए गए प्रारूप के अनुरूप नहीं है।
इस मसले पर अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के लोक शिकायत अनुभाग में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। यूपीएसएसएससी की उप सचिव वंदना त्रिवेदी की ओर से 16 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय के लोक शिकायत अनुभाग-3 को भेजे गए पत्र के अनुसार आयोग ने 906 अभ्यर्थियों का डाटा एनआईसी के निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध नहीं कराया है।
पत्र के माध्यम से यह भी कहा गया है कि डाटा निर्धारित प्रारूप में प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यूपीएसएसएससी को महीनों पहले 3446 पदों का अधियाचन मिल चुका है, लेकिन डाटा के चक्कर में अभ्यर्थी दोनों आयोगों के बीच घनचक्कर बने हुए हैं। निर्धारित प्रारूप में डाटा भेजे जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी शुक्रवार को सुबह 11 बजे से यूपीपीएससी में धरना-प्रदर्शन करेंगे।