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अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में भारत का महत्व बढ़ा
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मौजूदा दौर में अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में भारत का महत्व बढ़ा है। अमेरिका अब भी महाशक्ति बना रहेगा, क्योंकि सभी देश चीन में विश्वास की कमी देखते हैं। यह बात जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने ईसीसी के भौतिक विभाग की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में कही।
साथ ही उन्होंने कोविड-19 के बाद वल्र्ड ऑर्डर पर होने वाले संभावित परिवर्तन पर बात की। अमेरिका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय के प्रो. ऋषिकेश पांडेय ने कोरोना की जांच के लिए रमन प्रभाव की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने इस शोध कार्य से संबंधित तकनीक को प्रतिभागियों से साझा किया। ईसीसी के बॉटनी विभाग के डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव ने कोरोना के बचाव के लिए संबंधित हर्बल पौधों के बारे में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. विजय कुमार सिंह ने कोरोना संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के आकलन के लिए गणितीय मॉडल प्रस्तुत किया।
साथ ही बचाव के तरीके बताए। ईसीसी के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने कोरोना के समय में विद्यार्थियों को सेल्फ स्टडी करने की सलाह दी। डॉ. शीतला प्रसाद ने कोरोना से होने वाले व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा की। हेमवंती नंदन बहुगुणा पीजी कॉलेज की डॉ. निति सिंह जी ने कोरोना के बाद खान-पान की आदतों में होने वाले बदलाव पर बात की। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह एवं शिवम श्रीवास्तव ने किया।
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साथ ही उन्होंने कोविड-19 के बाद वल्र्ड ऑर्डर पर होने वाले संभावित परिवर्तन पर बात की। अमेरिका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय के प्रो. ऋषिकेश पांडेय ने कोरोना की जांच के लिए रमन प्रभाव की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने इस शोध कार्य से संबंधित तकनीक को प्रतिभागियों से साझा किया। ईसीसी के बॉटनी विभाग के डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव ने कोरोना के बचाव के लिए संबंधित हर्बल पौधों के बारे में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. विजय कुमार सिंह ने कोरोना संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के आकलन के लिए गणितीय मॉडल प्रस्तुत किया।
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साथ ही बचाव के तरीके बताए। ईसीसी के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने कोरोना के समय में विद्यार्थियों को सेल्फ स्टडी करने की सलाह दी। डॉ. शीतला प्रसाद ने कोरोना से होने वाले व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा की। हेमवंती नंदन बहुगुणा पीजी कॉलेज की डॉ. निति सिंह जी ने कोरोना के बाद खान-पान की आदतों में होने वाले बदलाव पर बात की। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह एवं शिवम श्रीवास्तव ने किया।
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