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सब्जियों पर दिखने लगा हड़ताल का असर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:54 AM IST
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इलाहाबाद। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर चौथे दिन दिखने लगा है। इसकी वजह से आवश्यक वस्तुओं में शामिल सब्जियां मुंडेरा समेत अन्य मंडियों में रविवार को कम पहुंचीं। नतीजा हुआ कि मंडी में सब्जियों का भाव 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए। इसकी वजह से फुटकर बाजार में दामों में तेजी आ गई है। आढ़तियों का कहना है कि हड़ताल जल्द खत्म न हुई तो सब्जियों की कीमत दोगुना होने में देर नहीं लगेगी। उधर, हड़ताल के कारण रविवार को भी ट्रांसपोर्ट नगर, मुट्ठीगंज, कीडगंज, डांडी, फाफामऊ आदि क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट से माल की डिलेवरी नहीं हुई।
व्यापारी माल छुड़ाने के लिए ट्रांसपोर्टरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं है। डांडी में ट्रांसपोर्टरों ने जुलूस निकला। त्योहार नजदीक है और अगले दो-तीन दिन में हड़ताल न खत्म हुई तो व्यापारियों को तगड़ा झटका लगेगा।
हड़ताल के पहले तक मुंडेरा मंडी में नासिक, बंगलूरू, शिवपुरी, अंबिकापुर, आगरा, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, मैनपुरी आदि से पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, बैगन, नया आलू आदि सब्जियां आ रही थीं। एक अक्तूबर से हड़ताल शुरू हुई। आढ़तियों ने इसके पहले जितने माल का आर्डर दिया था, वह मंडियों में पहुंच चुका है। अब और सब्जियां मंगाने के लिए ट्रक नहीं मिल रहे हैं। मुंडेरा समेत अन्य मंडियों में आम दिनों में विभिन्न तरह की 30 से 40 ट्रक सब्जी पहुंचती है, लेकिन हड़ताल के कारण यह संख्या 25-30 ट्रक तक रह गई है। आवक कम होने के कारण मंडी में सब्जी के भाव में 25 फीसदी तक की तेजी आ गई है। हालांकि फतेहपुर, खागा समेत आसपास से भिंड़ी, परवल, लौकी, मूली आदि सब्जियां आने से स्थिति अभी नियंत्रण में है।
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आढ़ती भी हड़ताल के पक्ष में हैं. लेकिन सब्जियों के लिए ट्रकें उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं ताकि आम लोगों पर महंगाई का असर कम पड़े। आढ़ती सतीश कुशवाहा का कहना है कि टोल टैक्स की वसूली तत्काल बंद होनी चाहिए। इसकी वजह से गाड़ियों को गंतव्य तक पहुंचने भी समय काफी अधिक लगता है। दूसरी ओर प्रयाग परिवहन ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष अमर वैश्य मुन्ना भइया के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टरों ने डांडी में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और जल्द मांग पूरी करने की मांग की।
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व्यापारी माल छुड़ाने के लिए ट्रांसपोर्टरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं है। डांडी में ट्रांसपोर्टरों ने जुलूस निकला। त्योहार नजदीक है और अगले दो-तीन दिन में हड़ताल न खत्म हुई तो व्यापारियों को तगड़ा झटका लगेगा।
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हड़ताल के पहले तक मुंडेरा मंडी में नासिक, बंगलूरू, शिवपुरी, अंबिकापुर, आगरा, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, मैनपुरी आदि से पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, बैगन, नया आलू आदि सब्जियां आ रही थीं। एक अक्तूबर से हड़ताल शुरू हुई। आढ़तियों ने इसके पहले जितने माल का आर्डर दिया था, वह मंडियों में पहुंच चुका है। अब और सब्जियां मंगाने के लिए ट्रक नहीं मिल रहे हैं। मुंडेरा समेत अन्य मंडियों में आम दिनों में विभिन्न तरह की 30 से 40 ट्रक सब्जी पहुंचती है, लेकिन हड़ताल के कारण यह संख्या 25-30 ट्रक तक रह गई है। आवक कम होने के कारण मंडी में सब्जी के भाव में 25 फीसदी तक की तेजी आ गई है। हालांकि फतेहपुर, खागा समेत आसपास से भिंड़ी, परवल, लौकी, मूली आदि सब्जियां आने से स्थिति अभी नियंत्रण में है।
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आढ़ती भी हड़ताल के पक्ष में हैं. लेकिन सब्जियों के लिए ट्रकें उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं ताकि आम लोगों पर महंगाई का असर कम पड़े। आढ़ती सतीश कुशवाहा का कहना है कि टोल टैक्स की वसूली तत्काल बंद होनी चाहिए। इसकी वजह से गाड़ियों को गंतव्य तक पहुंचने भी समय काफी अधिक लगता है। दूसरी ओर प्रयाग परिवहन ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष अमर वैश्य मुन्ना भइया के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टरों ने डांडी में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और जल्द मांग पूरी करने की मांग की।