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हाईकोर्ट से मांगी प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने की इजाजत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:54 AM IST
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संजय सिंह
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इलाहाबाद रैली और भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान उनको काला झंडा दिखाने की अनुमति देने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह और शिमला श्री की ओर से दाखिल की गई है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
याचिका में कहा गया है कि याचीगण प्रधानमंत्री और भाजपा की कई नीतियों और कार्यक्रमों से क्षुब्ध हैं। उनका लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करना चाहते हैं। उनकेविरोध से किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं पैदा होगी। याची का कहना है कि गंगा सफाई, माघ मेला और कुं भ मेला के आयोजनों में धनराशि के अपव्यय पर केंद्र सरकार उदासीन है और जानबूझकर अनदेखी कर रही है। बीएसएफ, आईटीबीटी, सीआरपीएफ और असम राइफल्स में भर्तियों के दौरान कर्मचारी चयन आयोग द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय विधि पाठ्यक्र म की बीसीआई से मान्यता नहीं ली गई और देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में केंद्र सरकार के मंत्री दखल दे रहे हैं। इन सब बातों से क्षुब्ध होकर वह काला झंडा दिखाकर शांति पूर्वक विरोध दर्ज कराना चाहते हैं। याचीगण ने जिलाधिकारी इलाहाबाद को प्रत्यावेदन दिया था, जिस पर एलआईयू की रिपोर्ट भी मांगी गई, मगर उसके बाद प्रत्यावेदन का निस्तारण नहीं हुआ है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि आईपीसी की धारा 124 ए को अवैध घोषित किया जाए, क्योंकि यह धारा राजद्रोह है की है, जबकि पुलिस इसे राष्ट्रद्रोह के अपराध में इस्तेमाल करती है। याची के वकील अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
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याचिका में कहा गया है कि याचीगण प्रधानमंत्री और भाजपा की कई नीतियों और कार्यक्रमों से क्षुब्ध हैं। उनका लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करना चाहते हैं। उनकेविरोध से किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं पैदा होगी। याची का कहना है कि गंगा सफाई, माघ मेला और कुं भ मेला के आयोजनों में धनराशि के अपव्यय पर केंद्र सरकार उदासीन है और जानबूझकर अनदेखी कर रही है। बीएसएफ, आईटीबीटी, सीआरपीएफ और असम राइफल्स में भर्तियों के दौरान कर्मचारी चयन आयोग द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय विधि पाठ्यक्र म की बीसीआई से मान्यता नहीं ली गई और देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में केंद्र सरकार के मंत्री दखल दे रहे हैं। इन सब बातों से क्षुब्ध होकर वह काला झंडा दिखाकर शांति पूर्वक विरोध दर्ज कराना चाहते हैं। याचीगण ने जिलाधिकारी इलाहाबाद को प्रत्यावेदन दिया था, जिस पर एलआईयू की रिपोर्ट भी मांगी गई, मगर उसके बाद प्रत्यावेदन का निस्तारण नहीं हुआ है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि आईपीसी की धारा 124 ए को अवैध घोषित किया जाए, क्योंकि यह धारा राजद्रोह है की है, जबकि पुलिस इसे राष्ट्रद्रोह के अपराध में इस्तेमाल करती है। याची के वकील अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
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