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Prayagraj News: हाईकोर्ट ने रामलीला आयोजन आर्थिक सहयोग की अनुमति दी
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाघंबरी क्षेत्र श्रीरामलीला कमेटी उत्तरी अल्लापुर के विवाद में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने याचियों को आगामी रामलीला के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग देने की अनुमति दी है। याचिकाकर्ता पांच दिन के भीतर नायब तहसीलदार (दक्षिणी), तहसील सदर के समक्ष 15 लाख रुपये बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने ओम नारायण त्रिपाठी और अन्य की याचिका पर दिया। याचियों ने खुद को श्रीरामलीला कमेटी की जनरल बॉडी का सदस्य बताया है। इनमें से एक याचिकाकर्ता कमेटी का पूर्व अध्यक्ष भी रहा है।
सदस्यों के बीच विवाद के चलते पहले हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दाखिल हुई थी। उसमें प्रतिद्वंद्वी पक्षों को कमेटी परिसर से दूर रहने का निर्देश दिया गया था। साथ ही कलेक्टर को कमेटी के कार्यों को देखने को कहा गया था। इसके बाद एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार आशुतोष तिवारी को कमेटी का कार्यभार संभालने के लिए अधिकृत किया था।
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भव्य आयोजन के लिए योगदान की जताई थी इच्छा
याचियों ने रामलीला भव्य तरीके से आयोजित कराने के लिए आर्थिक योगदान देने की इच्छा जताई। इस पर विपक्ष ने कोई आपत्ति नहीं की। उन्होंने 15 लाख रुपये बैंक ड्राफ्ट से देने का प्रस्ताव रखा था। कोर्ट ने अनुमति देते हुए कहा कि यदि दानदाताओं की सूची बनाई जाती है तो याचिकाकर्ताओं के नाम भी उसमें प्रदर्शित किए जाएं। लंबित याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने वर्तमान याचिका का निस्तारण कर दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने ओम नारायण त्रिपाठी और अन्य की याचिका पर दिया। याचियों ने खुद को श्रीरामलीला कमेटी की जनरल बॉडी का सदस्य बताया है। इनमें से एक याचिकाकर्ता कमेटी का पूर्व अध्यक्ष भी रहा है।
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सदस्यों के बीच विवाद के चलते पहले हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दाखिल हुई थी। उसमें प्रतिद्वंद्वी पक्षों को कमेटी परिसर से दूर रहने का निर्देश दिया गया था। साथ ही कलेक्टर को कमेटी के कार्यों को देखने को कहा गया था। इसके बाद एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार आशुतोष तिवारी को कमेटी का कार्यभार संभालने के लिए अधिकृत किया था।
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भव्य आयोजन के लिए योगदान की जताई थी इच्छा
याचियों ने रामलीला भव्य तरीके से आयोजित कराने के लिए आर्थिक योगदान देने की इच्छा जताई। इस पर विपक्ष ने कोई आपत्ति नहीं की। उन्होंने 15 लाख रुपये बैंक ड्राफ्ट से देने का प्रस्ताव रखा था। कोर्ट ने अनुमति देते हुए कहा कि यदि दानदाताओं की सूची बनाई जाती है तो याचिकाकर्ताओं के नाम भी उसमें प्रदर्शित किए जाएं। लंबित याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने वर्तमान याचिका का निस्तारण कर दिया।