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बच्चों की पढ़ाई में मोटी फीस भरने वालों पर आयकर की नजर 

Sun, 20 Mar 2016 01:58 AM IST
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 20 Mar 2016 01:58 AM IST
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The education of children in the eye of the fees for filing income tax
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जिन अभिभावक ने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए महंगे स्कूलों में प्रवेश दिलाया है या उनकी उच्च शिक्षा पर फीस के रूप में मोटी रकम खर्च कर रहे हैं, ऐसे लोगों पर आयकर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है। इंटर कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेज, इंजीनियर एवं मेडिकल कॉलेज, व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों आदि में ऐसे अभिभावकों द्वारा सालाना दो लाख रुपये से ज्यादा भरी गई फीस का ब्योरा आयकर विभाग ने तलब की है। शिक्षण संस्थानों से उनका एवं छात्र-छात्राओं के नाम के साथ अभिभावकों का पूरा ब्योरा तलब किया है। वित्तीय वर्ष 2014-15 की सभी जानकारी आयकर मुख्यालय में पहुंचने भी लगी है। अप्रैल में वित्तीय वर्ष 2015-16 का भी ब्योरा तलब किया जाएगा। जानकारी एकत्र होने के बाद आयकर विभाग अभिभावकों से फीस के रूप में अदा की गई रकम का हिसाब लेगा। 
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बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो अपने बच्चों की शिक्षा पर फीस के रूप में भारी-भरकम रकम खर्च करते हैं। ऐसे लोगों से आय का हिसाब लेने के लिए आयकर विभाग ने यह कदम उठाया है। आयकर विभाग इंटेलीजेंशन एवं क्रिमिनल इंविस्टीगेशन शाखा ने सभी स्कूल-कॉलेज एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है। उत्तर प्रदेश के लिए लखनऊ में तैनात आयकर अधिकारी मधु रजानी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभाग से जारी नोटिस में स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों का नाम एवं पता, पैन, ई-मेल, फोन नंबर आदि की जानकारी मांगी गई है।
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साथ ही मैनेजमेंट कोटे से हुए प्रवेश में भी दो लाख से अधिक फीस ली गई है तो उसका भी ब्योरा मांगा गया है।
केंद्र सरकार के बजट सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल के मुताबिक स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों को ही विद्यार्थियों एवं उसके अभिभावक का नाम एवं पता, पैन, विद्यार्थी की जन्मतिथि, ई-मेल, फोन नंबर आदि भी देना होगा। इसमें कॉलेज प्रबंधन को यह भी बताना होगा कि फीस एक बार में जमा हुई या किस्तों में। अगर चेक से जमा हुई तो बैंक का पूरा ब्योरा देना होगा। उन्होंने बताया कि अगर इस रकम पर आयकर नहीं अदा किया गया होगा तो विभाग वसूली भी करेगा।
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निजी, गैर सरकारी कंपनी अगर अपने किसी कर्मचारी को उच्चशिक्षा दिला रही है तो कॉलेज प्रबंधन को उसका भी पूरा विवरण आयकर विभाग को उपलब्ध कराना होगा। यह जानकारी ऑनलाइन एवं हार्ड कॉपी में कॉलेज को अपने पैन एवं टैन नंबर के साथ देनी होगी। जानकारी न देने पर कॉलेज पर भारी जुर्माना भी लगेगा।
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