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प्री-बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन कराने के फैसले से अभिभावकों की चिंता बढ़ी
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The decision to hold the pre-board examination offline increased the concern of parents
प्रयागराज। शहर के सीबीएसई, यूपी बोर्ड, आईसीएसई से जुड़े स्कूलों में इन दिनों दसवीं, बारहवीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षा से पहले प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी चल रही है। स्कूल प्रशासन जनवरी में दो-दो प्री-बोर्ड ऑफलाइन परीक्षा कराने के लिए कार्यक्रम जारी कर चुका है। स्कूलों की ओर से ऑफलाइन प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के निर्णय से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावक स्कूलों से प्री-बोर्ड परीक्षा ऑनलाइन कराने की मांग कर रहे हैं जबकि स्कूल वाले बच्चों की परीक्षा की तैयारी का हवाला देकर ऑनलाइन परीक्षा कराने की ठान चुके हैं।
अभिभावकों ने कहा दोहरी नीति अपना रहे स्कूल
अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि परीक्षा के मौके पर बच्चों में कोरोना संक्रमण फैला तो वह उन्हें कैसे बचाएंगे। शहर के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र के एक विद्यालय में बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावक ने अमर उजाला को बताया कि स्कूल वाले दो-दो प्री बोर्ड का कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। कोरोना के बारे में जब उनसे चिंता व्यक्त की गई तो स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि सब अफवाह है कोरोना कहीं नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले कोरोना कहीं नहीं है कहते हैं, उसके बाद बच्चों पर दबाव बनाकर अभिभावकों से शपथ पत्र लाने को कहते हैं कि वह बच्चे को अपनी मर्जी से स्कूल भेज रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूलों की दोहरी नीति के खिलाफ आंदोलन की बात कही है।
बच्चों के हित की दुहाई देकर स्कूल वाले ऑफलाइन परीक्षा पर अड़े
शहर के आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में इन दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ऑफलाइन क्लास संचालित हो रहे हैं। स्कूल वालों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा कराने से बच्चे की गलती पकड़ में नहीं आती। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा कराए जाने पर बच्चा गलती करेगा तो उसे बोर्ड परीक्षा से पहले ठीक कर लिया जाएगा। सीबीएसई से जुड़े सभी स्कूलों में ऑनलाइन परीक्षा की जगह ऑफलाइन परीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। शहर के आईसीएसई से जुड़े नामी स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने ऑफलाइन परीक्षा कराने की बात कही है। उनका कहना है कि ऑफलाइन परीक्षा से बच्चे की लिखने की क्षमता का पता चल सकेगा। यही बात यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों की है।
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अभिभावकों ने कहा दोहरी नीति अपना रहे स्कूल
अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि परीक्षा के मौके पर बच्चों में कोरोना संक्रमण फैला तो वह उन्हें कैसे बचाएंगे। शहर के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र के एक विद्यालय में बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावक ने अमर उजाला को बताया कि स्कूल वाले दो-दो प्री बोर्ड का कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। कोरोना के बारे में जब उनसे चिंता व्यक्त की गई तो स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि सब अफवाह है कोरोना कहीं नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले कोरोना कहीं नहीं है कहते हैं, उसके बाद बच्चों पर दबाव बनाकर अभिभावकों से शपथ पत्र लाने को कहते हैं कि वह बच्चे को अपनी मर्जी से स्कूल भेज रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूलों की दोहरी नीति के खिलाफ आंदोलन की बात कही है।
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बच्चों के हित की दुहाई देकर स्कूल वाले ऑफलाइन परीक्षा पर अड़े
शहर के आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में इन दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ऑफलाइन क्लास संचालित हो रहे हैं। स्कूल वालों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा कराने से बच्चे की गलती पकड़ में नहीं आती। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा कराए जाने पर बच्चा गलती करेगा तो उसे बोर्ड परीक्षा से पहले ठीक कर लिया जाएगा। सीबीएसई से जुड़े सभी स्कूलों में ऑनलाइन परीक्षा की जगह ऑफलाइन परीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। शहर के आईसीएसई से जुड़े नामी स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने ऑफलाइन परीक्षा कराने की बात कही है। उनका कहना है कि ऑफलाइन परीक्षा से बच्चे की लिखने की क्षमता का पता चल सकेगा। यही बात यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों की है।
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