प्रयागराज : एयर शो में दिखेगा देश का पहला दो सीट वाला तेजस, एचएएल ने बुधवार को ही सौंपा है वायुसेना को
वायु सेना के 91वें स्थापना दिवस पर 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर संगम क्षेत्र में करतब दिखाएंगे। इनमें ट्विन सीटर तेजस, सी-295 पहली बार किसी एयर शो में शामिल होंगे। वायु सेना ने एचएएल को 18 ट्विन सीटर विमान का ऑर्डर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बुधवार को वायु सेना को जो पहला ट्विन सीटर (दो सीट वाला) लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस सौंपा है, वह प्रयागराज में होने वाले एयर शो में पहली बार दिखेगा। तेजस वजन में हल्का होने के साथ-साथ हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है। हाल ही में स्पेन से मिले सी-295 विमान का भी एयर शो में दीदार होगा।
वायु सेना के 91वें स्थापना दिवस पर 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर संगम क्षेत्र में करतब दिखाएंगे। इनमें ट्विन सीटर तेजस, सी-295 पहली बार किसी एयर शो में शामिल होंगे। वायु सेना ने एचएएल को 18 ट्विन सीटर विमान का ऑर्डर दिया है। इनमें से आठ अगले साल तक दे दिए जाएंगे। शेष 10 विमान 2026-27 तक मिलेंगे।
तेजस की लंबाई 13.2 मीटर, चौड़ाई 8.2 मीटर और ऊंचाई 4.4 मीटर है। यह 2000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरकर 50,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। यह मेक इन इंडिया की ताकत को यहां दर्शाएगा। स्थापना दिवस की परेड के मौके पर अग्निवीर भी शामिल होंगे। महिला अग्निवीर को भी बुलाए जाने की संभावना है।
मिग-21 को प्रयागराज से ही दी जाएगी विदाई
देश की चौकसी में पांच दशक से तैनात मिग-21 बाइसेन को प्रयागराज में आयोजित एयर शो के माध्यम से विदाई दी जाएगी। यह विमान जब आसमान में उड़ेगा तो वह सूर्य अस्त होने की पश्चिम दिशा की ओर जाएगा। इस मिग-21 के सम्मान में राफेल विमान उसे एस्कार्ट करेगा।
विंटेज विमान भी बढ़ाएंगे एयर शो की शोभा
एयर शो में विंटेज विमान भी शोभा दिखाएंगे। यहां विंटेज विमान टाइगर मॉथ और हावर्ड टेनर शो में शामिल होंगे। आर्मी और नेवी के जंगी जहाज भी शो में शामिल होंगे। इसमें रुद्रा हेलीकॉप्टर और डकोटा विमान मुख्य हैं।
सबसे पहले तिरंगा लेकर आएगा चेतक
आठ अक्तूबर को एयर शो के रिहर्सल में सबसे पहले तिरंगा लेकर चेतक हेलीकॉप्टर आएगा। एक साथ नौ सूर्य किरण विमान भी आएंगे। इतने सूर्य किरण विमान चलाने की क्षमता भारत समेत सिर्फ 16 देशों के ही पास है।