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भूख हड़ताल पर बैठे संत की हालत बिगड़ी
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The condition of the saint sitting on hunger strike worsened
- फोटो : CITY DESK
भूख हड़ताल से संत की हालत बिगड़ी
- मजिस्ट्रेट जितेंद्र पाल ने मेला के त्रिवेणी अस्पताल में भर्ती कराया
-इलाज के बाद धरने पर फिर बैठे महंत
प्रयागराज। मेला क्षेत्र में भूमि और सुविधाओं के आवंटन की मांग को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे महंत अंबुज कुमार पांडेय की रविवार को तबीयत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर मजिस्ट्रेट जितेंद्र पाल ने उनको मेला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद संत को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर किया गया। लेकिन महंत ने वहां जाने से इनकार करते हुए मेला अस्पताल में ही इलाज की मांग की। इसके बाद दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गए।
मेला क्षेत्र मेें भूमि और सुविधाओं के आवंटन की मांग को लेकर साधु संत भूख हड़ताल पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के कारण चौथे दिन महंत अंबुज कुमार पांडेय की तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना पर एसडीएम जितेंद्र पाल ने संत को मेला के त्रिवेणी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद जब संत को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा जाने लगा तो उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। साथ ही मेला अस्पताल में ही इलाज कराने की मांग की। चिकित्सकों ने सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए बताया कि यहां आगे का इलाज संभव नहीं है। इसके बाद वह दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गए। धरने पर बैठने वालों में जय सीताराम असहाय वृद्ध सेवा संस्थान के संत दूधनाथ शास्त्री, जय सीताराम तप एवं ज्ञान आश्रम के संत राम बहादुर शास्त्री, स्वामी दीनानंद राजेश्वरी कल्याण के स्वामी दीनानंद, रामचंद सेवा संस्थान के स्वामी भीम महाराज, हरिओम सेवा शिविर के अमृत लाल, मां शक्तिपीठ की साध्वी मधु तिवारी, आश्रम अंजनीगढ़ के त्रिलोचनानंद महाराज और शैक्षणिक सेवा न्याय राघवानंद के बलदेवानंद परमहंस शामिल थे।
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- मजिस्ट्रेट जितेंद्र पाल ने मेला के त्रिवेणी अस्पताल में भर्ती कराया
-इलाज के बाद धरने पर फिर बैठे महंत
प्रयागराज। मेला क्षेत्र में भूमि और सुविधाओं के आवंटन की मांग को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे महंत अंबुज कुमार पांडेय की रविवार को तबीयत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर मजिस्ट्रेट जितेंद्र पाल ने उनको मेला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद संत को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर किया गया। लेकिन महंत ने वहां जाने से इनकार करते हुए मेला अस्पताल में ही इलाज की मांग की। इसके बाद दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गए।
मेला क्षेत्र मेें भूमि और सुविधाओं के आवंटन की मांग को लेकर साधु संत भूख हड़ताल पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के कारण चौथे दिन महंत अंबुज कुमार पांडेय की तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना पर एसडीएम जितेंद्र पाल ने संत को मेला के त्रिवेणी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद जब संत को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा जाने लगा तो उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। साथ ही मेला अस्पताल में ही इलाज कराने की मांग की। चिकित्सकों ने सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए बताया कि यहां आगे का इलाज संभव नहीं है। इसके बाद वह दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गए। धरने पर बैठने वालों में जय सीताराम असहाय वृद्ध सेवा संस्थान के संत दूधनाथ शास्त्री, जय सीताराम तप एवं ज्ञान आश्रम के संत राम बहादुर शास्त्री, स्वामी दीनानंद राजेश्वरी कल्याण के स्वामी दीनानंद, रामचंद सेवा संस्थान के स्वामी भीम महाराज, हरिओम सेवा शिविर के अमृत लाल, मां शक्तिपीठ की साध्वी मधु तिवारी, आश्रम अंजनीगढ़ के त्रिलोचनानंद महाराज और शैक्षणिक सेवा न्याय राघवानंद के बलदेवानंद परमहंस शामिल थे।
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