Prayagraj : पांच साल में बदल जाएगी शहर की सूरत, कई परियोजनाओं पर शुरू होगा काम
आने वाले पांच वर्षों में प्रयागराज की सूरत बदलने वाली है। कुंभ नगरी में एक साथ कई परियोजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है। इसमें नई टाउनशिप एयरोसिटी, विंध्य एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आने वाले पांच वर्षों में प्रयागराज की सूरत बदलने वाली है। कुंभ नगरी में एक साथ कई परियोजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है। इसमें नई टाउनशिप एयरोसिटी, विंध्य एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। जिले में इनर रिंग रोड के पहले चरण का काम तकरीबन 60 फीसदी पूरा हो चुका है। वहीं, प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे शुरू हो गया है। प्रस्तावित 330 किमी लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे पर प्रयागराज के 84 गांव स्थित हैं जिनकी जमीन अधिग्रहीत की जानी है। अधिग्रहण से पहले ड्रोन से सर्वे शुरू करा दिया गया है।
यह एक्सप्रेसवे सोरांव, फूलपुर, हंडिया तहसील के रास्ते होते हुए मिर्जापुर और सोनभद्र तक जाएगा। तहसील सोरांव के 29, फूलपुर के 24 और तहसील हंडिया के 31 गांव हैं। जिला प्रशासन की ओर से इन गांवों की सूची तैयार की जा चुकी है। खास यह कि विंध्य एक्सप्रेसवे प्रदेश को चार राज्यों की सीमा से जोड़ेगा और यह गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक होगा।
इसके साथ ही गंगा व यमुना पर कई पुल भी प्रस्तावित हैं। इनर रिंग रोड को करछना-फूलपुर से जोड़ने वाले छह लेन पुल का काम शुरू हो चुका है। वहीं, फाफामऊ में गंगा पर छह लेन पुल का काम अंतिम चरण में है। इसके अलावा गंगा पार सलोरी-हेतापट्टी के बीच और शास्त्री पुल के समानांतर एक-एक पुल प्रस्तावित है। साथ ही यमुना पर भी एक अन्य पुल प्रस्तावित है।
दूसरी ओर, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने प्रयागराज में ग्रुप हाउसिंग निर्माण के लिए ई-नीलामी के माध्यम से दूसरे राज्यों के बिल्डरों को भी आमंत्रित किया है। अब तक यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों से 40 आवेदन आ चुके हैं। वहीं, पीडीए ने एयरपोर्ट के पास नई टाउनशिप ‘एयरोसिटी’ बसाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है जिसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है।
संगम पर रोपवे के लिए चल रहा काम
संगम पार रोपवे के लिए भी काम चल रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने यह जिम्मेदारी जिस एजेंसी को सौंपी है, उसने प्रयागराज में अपना कार्यालय भी खोल दिया है। यह रोपवे परेड से अरैल तक बनाने की योजना है और खास यह कि प्रयागराज में प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के तहत परेड मैदान ही इंटरचेंज जंक्शन प्रस्तावित है।
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों को जोड़ेगी मेट्रो
मेट्रो रेल परियोजना के तहत ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (बमरौली एयरपोर्ट से त्रिवेणीपुरम झूंसी में सिटी लेक फॉरेस्ट तक) और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (शांतिपुरम कॉलोनी फाफामऊ से अलोपीबाग होते हुए नैनी तक) बनाए जाएंगे। परेड मैदान से चारों दिशाओं में झूंसी, फाफामऊ, बमरौली व नैनी के लिए मेट्रो की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों व बस अड्डों को भी मेट्रो आपस में जोड़ेगी।