{"_id":"6a5d36f9d1fd61143d08a890","slug":"the-chessboard-the-pieces-dance-at-the-touch-of-the-fingers-allahabad-news-c-3-ald1034-932165-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: शतरंज की बिसात... अंगुलियों पर नाचते हैं मोहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: शतरंज की बिसात... अंगुलियों पर नाचते हैं मोहरे
Mon, 20 Jul 2026 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
शतरंज खेलते खिलाड़ी (फाइल फोटो)
- फोटो : shiv tripathi
तेज दिमाग, बिसात पर फुर्तीली चाल और अंगुलियों पर नचाते मोहरों से प्रतिद्वंद्वी को पस्त करने का हुनर... यह कमाल है जिले के शतरंज खिलाड़ियों का। यहां के क्लबों और स्टेडियमों में खुद को निखार रहे खिलाड़ी शतरंज से प्रयागराज को नई पहचान में गढ़ने को बेताब हैं।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंडर-8 में शिवाय सिंह भारत के नंबर एक खिलाड़ी रहे। वह दुनिया के शीर्ष 15 में जगह बनाने वाले इकलौते भारतीय हैं। वहीं, अंडर-7 में संस्कृति यादव दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी हैं। यूपी स्टेट चैंपियनशिप में उन्हें पांच में से पांच अंक मिले, जो रिकॉर्ड है।
नैनी की दो बहनें अनुप्रिया और प्रिया यादव भी शतरंज में शीर्ष पर रहीं। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की तरफ से जारी रैंकिंग में जून 2023 में अंडर-7 में अनुप्रिया ने शीर्ष स्थान हासिल किया था।
विज्ञापन
वहीं, अर्णव अग्रवाल ने दिल्ली में हुए ग्रैंड मास्टर्स टूर्नामेंट के 2,100 रेटिंग कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल किया। संचिता यादव, हसनैन सिद्दीकी, सानवी बघेल, ओजस आनंद और सात्विक आनंद समेत कई खिलाड़ी अपने को तराश रहे हैं और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को बेहतर कर रहे हैं ताकि शतरंज में प्रयागराज को बुलंदी पर ले जा सकें।
20वीं सदी में बना शतरंज एसोसिएशन
19वीं सदी में प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में शतरंज की बिसात बिछी। 20वीं सदी में इलाहाबाद जिला शतरंज एसोसिएशन की स्थापना हुई। इसके बाद हुनरमंद, तेज दिमाग वाले खिलाड़ियों की तलाश शुरू हुई। यहां से निकले खिलाड़ियों ने विश्व विजेताओं को कड़ी चुनौती दी।
उनमें प्रदीप पाठक और शैलेंद्र वाजपेयी का नाम शुमार है। प्रदीप ने महज 17 साल की उम्र में ऑल इंडिया पोस्ट एंड टेलीग्राफ की नेशनल चैंपियनशिप जीती। मो.हसान और उनके बेटे मो.उस्मान ने कई अहम खिताब शहर के लिए जीते।
वर्तमान में जिला शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशीष द्विवेदी ने वर्ष 1988 से 2000 तक 13 देशों की ओपन शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
बिजली विभाग में इंजीनियर रहे मो. अफ्फान सिद्दीकी वर्ष 1987 में यूपी चैंपियन रहे। 1981 में कर्नाटक में हुई जूनियर चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद से दो-दो हाथ किया। कड़ी टक्कर के बाद मैच बराबरी पर छूटा था।
प्रयागराज के शतरंज खिलाड़ियों में एनडी सिंह, मनीष कपूर, स्पर्श यादव, रईसुद्दीन, आबिद अली और हरिओम शर्मा और धीरज सक्सेना का नाम शुमार है। इन खिलाड़ियों की बदौलत ही वर्ष 2022 में भारत ने 44वें शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी की तो ‘ओलंपियाड टॉर्च रिले’ प्रयागराज से गुजरी थी।
आज म्योहॉल में होगी शतरंज प्रतियोगिता
अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर म्योहॉल स्थित अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शतरंज प्रतियोगिता होगी। एसोसिएशन के सचिव आबिद अली ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे से प्रतियोगिता होगी।
विज्ञापन
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंडर-8 में शिवाय सिंह भारत के नंबर एक खिलाड़ी रहे। वह दुनिया के शीर्ष 15 में जगह बनाने वाले इकलौते भारतीय हैं। वहीं, अंडर-7 में संस्कृति यादव दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी हैं। यूपी स्टेट चैंपियनशिप में उन्हें पांच में से पांच अंक मिले, जो रिकॉर्ड है।
विज्ञापन
नैनी की दो बहनें अनुप्रिया और प्रिया यादव भी शतरंज में शीर्ष पर रहीं। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की तरफ से जारी रैंकिंग में जून 2023 में अंडर-7 में अनुप्रिया ने शीर्ष स्थान हासिल किया था।
विज्ञापन
वहीं, अर्णव अग्रवाल ने दिल्ली में हुए ग्रैंड मास्टर्स टूर्नामेंट के 2,100 रेटिंग कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल किया। संचिता यादव, हसनैन सिद्दीकी, सानवी बघेल, ओजस आनंद और सात्विक आनंद समेत कई खिलाड़ी अपने को तराश रहे हैं और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को बेहतर कर रहे हैं ताकि शतरंज में प्रयागराज को बुलंदी पर ले जा सकें।
20वीं सदी में बना शतरंज एसोसिएशन
19वीं सदी में प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में शतरंज की बिसात बिछी। 20वीं सदी में इलाहाबाद जिला शतरंज एसोसिएशन की स्थापना हुई। इसके बाद हुनरमंद, तेज दिमाग वाले खिलाड़ियों की तलाश शुरू हुई। यहां से निकले खिलाड़ियों ने विश्व विजेताओं को कड़ी चुनौती दी।
उनमें प्रदीप पाठक और शैलेंद्र वाजपेयी का नाम शुमार है। प्रदीप ने महज 17 साल की उम्र में ऑल इंडिया पोस्ट एंड टेलीग्राफ की नेशनल चैंपियनशिप जीती। मो.हसान और उनके बेटे मो.उस्मान ने कई अहम खिताब शहर के लिए जीते।
वर्तमान में जिला शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशीष द्विवेदी ने वर्ष 1988 से 2000 तक 13 देशों की ओपन शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
बिजली विभाग में इंजीनियर रहे मो. अफ्फान सिद्दीकी वर्ष 1987 में यूपी चैंपियन रहे। 1981 में कर्नाटक में हुई जूनियर चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद से दो-दो हाथ किया। कड़ी टक्कर के बाद मैच बराबरी पर छूटा था।
प्रयागराज के शतरंज खिलाड़ियों में एनडी सिंह, मनीष कपूर, स्पर्श यादव, रईसुद्दीन, आबिद अली और हरिओम शर्मा और धीरज सक्सेना का नाम शुमार है। इन खिलाड़ियों की बदौलत ही वर्ष 2022 में भारत ने 44वें शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी की तो ‘ओलंपियाड टॉर्च रिले’ प्रयागराज से गुजरी थी।
आज म्योहॉल में होगी शतरंज प्रतियोगिता
अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर म्योहॉल स्थित अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शतरंज प्रतियोगिता होगी। एसोसिएशन के सचिव आबिद अली ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे से प्रतियोगिता होगी।