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त्रिवेणी मार्ग पर मिलेगी जमीन तभी लगाएंगे शिविर

Mon, 25 Dec 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 25 Dec 2017 01:43 AM IST
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The camp will be used only on the Triveni road
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को त्रिवेणी मार्ग पर भूमि का आवंटन नहीं होने से उनके शिष्यों भक्तों में आक्रोश है। उनके शिष्य स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने मेला प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके गुरुजी शंकराचार्य स्वरूपानंद को माघ मेला में आने से रोकने की मंशा से ही जमीन आवंटन में देरी की जा रही है। उनका कहना है कि भूमि आवंटन के लिए वे डीएम सुहास एलवाई से भी मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शंकराचार्य को त्रिवेणी मार्ग पर भूमि आवंटित कर दी जाएगी। पांच दिन बीत गए पर अभी तक भूमि आवंटित की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके गुरु जी को यदि त्रिवेणी मार्ग पर भूमि दी जाएगी तभी शिविर लगेगा। अन्यत्र वे शिविर नहीं लगाएंगे।
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15 दिसंबर को त्रिवेणी मार्ग की भूमि आवंटित हुई। इसी मार्ग पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को बतौर शंकराचार्य भूमि आवंटित होती रही है। लेकिन इस बार उन्हें भूमि आवंटित नहीं हुई। श्रीधरानंद ने मेलाधिकारी पर त्रिवेणी मार्ग पर भूमि आवंटित न करने का आरोप लगाया था। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दो जनवरी को प्रयाग आ रहे हैं। वे मनकामेश्वर मंदिर में प्रवास करेंगे। उनके सचिव स्वामी सुबुधानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक शंकराचार्य जबलपुर से सड़क मार्ग से प्रयाग पहुंचेंगे। प्रयाग प्रवास करेंगे लेकिन मेला क्षेत्र में प्रवेश तभी करेंगे जब प्रशासन उन्हें उनके स्थान पर भूमि आवंटित करे।
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अक्षयवट मार्ग पर जमीन नहीं मिलने से नाराज तीर्थ पुरोहितों ने माघ मेला छोड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने पुराने जीटी रोड तथा अपर संगम के पास जमीन लेने से मना कर दिया। प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच कई चरणों की वार्ता हुई लेकिन समाधान नहीं निकल सका। तीर्थ पुरोहितों को अक्षयवट मार्ग पर जमीन दी जाती रही है लेकिन इस बार उसका बड़ा हिस्सा कटान में आ गया है। ऐसे में मेला प्रशासन ने उन्हें पुराने जीटी रोड, अपर संगम के पास आदि स्थानों पर जमीन देने का प्रस्ताव दिया लेकिन वे तैयार नहीं हैं। तीर्थ पुरोहित घाट के नजदीक ही जमीन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अक्षयवट मार्ग पर ही यमुना नदी के और नजदीक जमीन आवंटन की मांग की लेकिन प्रशासन तैयार नहीं हुआ। प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल का कहना है कि उन्हें घाट से काफी दूर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि एडीएम सिटी से वार्ता हुई है। यदि घाट के नजदीक जमीन नहीं मिली तो वे मेला छोड़ देंगे। वहीं एसडीएम मेला राजीव राय का कहना है कि तीर्थ पुरोहित जहां जमीन मांग रहे हैं, वह सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। इसलिए वहां जमीन नहीं दी जा सकती। अक्षयवट मार्ग पर भी कई लोगों को जमीन दी गई है। सिर्फ 30-40 लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें दूसरी जगह जमीन दी जा रही है। जल्द ही विवाद सुलझा लिया जाएगा।
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माघ मेले में भूमि आवंटन के साथ ही मेले के बसने और उसके विस्तार होने का क्रम शुरू होता है लेकिन सप्ताह भर शेष रहने के बावजूद अनेक संस्थाओं सहित तीर्थ पुरोहितों और कई साधु संतों को भूमि का आवंटन नहीं हो सका है। ऐसे में प्रथम स्नान पर्व तक मेले को पूर्ण रूप से बसाना मुश्किल नजर आ रहा है। सभी विभागों की तैयारियां कागज में तो पूरी हैं लेकिन मौके पर अधूरी हैं। हालांकि एसडीएम मेला का दावा है कि भूमि आवंटन का काम रविवार को पूरा हो गया। सुविधाओं की पर्ची भी काट दी गई है। पहले स्नान पर्व से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।
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