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मोदी सरकार का सर्वोत्तम झूठ है आत्मनिर्भर भारत
Sun, 14 Mar 2021 12:10 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 14 Mar 2021 12:10 AM IST
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सुभाषिनी अली
जनवादी नेता तथा पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने शनिवार को कहा कि आज देश में आत्मनिर्भरता की बात की जा रही है लेकिन, आत्मनिर्भर भारत मोदी सरकार का सर्वोत्तम झूठ है। मौजूदा निज़ाम में आम आदमी सर्वाधिक शोषित पीड़ित है जिसमें महिलाएं सर्वाधिक परेशान हैं। आज इस कोरोना के दौर में जहां श्रमिक वर्ग अपनी आजीविका से हाथ धो रहा है, वहीं अडानी-अंबानी की आमदनी बढ़ने की रफ्तार विश्व के पूंजीपतियों में सर्वाधिक है ।
नागरिक समाज और स्वराज विद्यापीठ की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों की शृंखला में शनिवार को स्वराज विद्यापीठ में आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत मे परनिर्भर महिलाएं क्यों’ विषयक गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार अपने पितृ संगठन आरएसएस के विचारों पर चल रही है, जो भारतीय संविधान की अपेक्षा मनुस्मृति पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहती है। इसका समाजिक आधार ही असमानता पर आधारित है
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.अनीता गोपेश और संचालन गायत्री गांगुली ने किया। सभा में प्रो.आरसी त्रिपाठी, हरिश्चंद्र द्विवेदी, डॉ.कृष्ण स्वरूप आनंदी,अनिल रंजन भौमिक, डॉ.सूर्य नारायण,सुभाष पांडेय, ज़फर बख्त, अंशु मालवीय, अविनाश मिश्र, आंनद मालवीय, निखत गांधी, संध्या नवोदिता, किरन गुप्ता, फ़रीदा परवीन, अनिमा सिंह, शुभी बख्त, तोषी, रूबीना, चित्रा भौमिक, रक्षिका रुपम, नसीम अंसारी, कुंवर राजन, विमल चौधरी, अखिल विकल्प, मुहम्मद ख़ालिद, विकास स्वरूप, धर्मेंद्र यादव, शिवम, अनिर्बान आदि मौजूद थे।
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नागरिक समाज और स्वराज विद्यापीठ की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों की शृंखला में शनिवार को स्वराज विद्यापीठ में आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत मे परनिर्भर महिलाएं क्यों’ विषयक गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार अपने पितृ संगठन आरएसएस के विचारों पर चल रही है, जो भारतीय संविधान की अपेक्षा मनुस्मृति पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहती है। इसका समाजिक आधार ही असमानता पर आधारित है
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.अनीता गोपेश और संचालन गायत्री गांगुली ने किया। सभा में प्रो.आरसी त्रिपाठी, हरिश्चंद्र द्विवेदी, डॉ.कृष्ण स्वरूप आनंदी,अनिल रंजन भौमिक, डॉ.सूर्य नारायण,सुभाष पांडेय, ज़फर बख्त, अंशु मालवीय, अविनाश मिश्र, आंनद मालवीय, निखत गांधी, संध्या नवोदिता, किरन गुप्ता, फ़रीदा परवीन, अनिमा सिंह, शुभी बख्त, तोषी, रूबीना, चित्रा भौमिक, रक्षिका रुपम, नसीम अंसारी, कुंवर राजन, विमल चौधरी, अखिल विकल्प, मुहम्मद ख़ालिद, विकास स्वरूप, धर्मेंद्र यादव, शिवम, अनिर्बान आदि मौजूद थे।
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