हर संस्था में विधि सलाहकार की नियुक्ति अनिवार्य की जाए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश अधिवक्ता समागम में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष बार कौंसिल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से संयुक्त रूप से मांग पत्र प्रस्तुत किया गया। बार कौंसिल चेयरमैन जानकारी शरण पांडेय ने अपने स्वागत भाषण में वकीलों की मांगें प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश की हर एक संस्था में विधि सलाहकार की नियुक्ति को अनिवार्य किया जाए। इससे काफी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को रोजगार मिलेगा। कहा कि जैसे हर कंपनी में कंपनी सिक्रेटरी रखना अनिवार्य है, उसी प्रकार से विधि परामर्शदाता की भी नियुक्ति होनी चाहिए।
कौंसिल अध्यक्ष ने जिला अदालतों में वकीलों के लिए चैंबर, टॉयलेट, पीने के पानी की व्यवस्था के अलावा हर जिला मुख्यालय में वकीलों के लिए भूखंड विकसित कर नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर देने की मांग की। दिव्यांग और वृद्ध अधिवक्ताओं के लिए दस हजार रुपये प्रति माह देने और ट्रस्टी कमेटी द्वारा दी जानी वाली सहायता राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की। अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु पर दस लाख रुपये का बीमा दिए जाने की भी मांग की।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने अधिवक्ताओं के लिए अस्पताल बनवाने और आवास की सुविधा देने के लिए शहर में नजूल भूखंडों को विकसित कर अधिवक्ताओं को देने की मांग की।
उन्होंने ग्रुप हाउसिंग के लिए पांच हजार वर्ग मीटर जमीन देने की मांग की है। कार्यक्रम के आयोजन में बार कौंसिल के को चेयरमैन देवेंद्र मिश्र नगरहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन बार कौंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने किया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी, उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र व अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रदेश भर के तमाम अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रयागराज के अधिवक्ता मौजूद थे।
बीसीआई सदस्य ने कहा, महाधिवक्ता को हटा दें, हल हो जाएगी समस्या
अधिवक्ता समागम में मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों को धन्यवाद देने मंच पर पहुंचे बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा टिकट के मद में दिए जाने वाले योगदान का 250 करोड़ रुपये सरकार के पास फंसे हैं। इनका भुगतान नहीं हो रहा है क्योंकि महाधिवक्ता सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आप महाधिवक्ता को हटाकर अमरेंद्र नाथ सिंह को महाधिवक्ता बना दें। समस्या का समाधान हो जाएगा।
हर कॉलेज की प्रबंध समिति में हों वकील : केशरीनाथ
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केशरीनाथ त्रिपाठी ने प्रस्ताव दिया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में शिक्षा संबंधी मुकदमे काफी संख्या में हैं। इसे देखते हुए हर वित्तीय सहायता प्राप्त कॉलेज की प्रबंध समिति में अधिवक्ताओं की विधि सलाहकार के रूप में नियुक्ति अनिवार्य रूप से करनी चाहिए। इससे काफी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं काम मिलेगा।
आवासीय समस्या का होगा समाधान : पाठक
कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि उन्होंने वकीलों की आवासीय समस्या पर मुख्यमंत्री से वार्ता की है। इसका समाधान खोजा गया है और उम्मीद है कि वकीलों की आवासीय समस्या का समाधान हो जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इशारे में बता दिया, नहीं होगा हाईकोर्ट का विभाजन
अधिवक्ता समागम में पहुंचे खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इशारों-इशारों में बता दिया इलाहाबाद हाईकोर्ट का विभाजन नहीं होने जा रहा है। बोले, सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए मैंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा था। सरकार दस से पंद्रह बेड का अस्पताल देने के लिए तैयार है। जहां ओपीडी सहित सभी प्रकार की जांच की भी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस वे बन जाने से लोगों को प्रयागराज तक आने में सुविधा होगी। मेरठ से प्रयागराज के लिए हवाई सेवा भी शुरू की जा रही है। इससे दूरियां कम होंगी और इलाहाबाद हाईकोर्ट जैसे चमक रहा है, वैसे ही चमकता रहेगा।सिद्धार्थ नाथ ने शहर पश्चिमी को माफिया से मुक्त कराकर वहां सुविधाओं का विकास, चौफटका से झलवा होते हुए एयरपोर्ट तक फ्लाई ओवर के निर्माण, झलवा में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में यूपी में निवेश के लिए बनाए गए डेस्क की वजह से निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है और कोरोना काल के दौरान ही 53 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव आया है। सैमसंग ने चीन में चल रही अपनी तीन कंपनियां बंद की हैं और यूपी में पांच हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव किया है।