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गायब हो गई नहर का प्रशासन ने कराया सीमांकन
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बाघराय के खरैला गांव में कुशहा माइनर का सीमांकन कराने पहुंचे एसडीएम।
- फोटो : PRATAPGARH
ग्रामीणों ने नहर को काटकर पूरी तरह से खेत में मिला लिया। इसके चलते आगे के किसानों को पानी मिलना बंद हेा गया। इसकी शिकायत गांव के ही कुछ लोगों ने की तो सोमवार को एसडीएम कुंडा ने टीम के साथ पहुंचकर इसका सीमांकन कराया।
बिहार विकासखंड के खरैला गांव से होकर छतार की ओर जाने वाली माइनर को गांव के कुछ लोगों ने अपने खेत में मिलाकर समतल कर लिया था। कुशहा माइनर का कहीं भी अता पता नहीं था। इसकी शिकायत गांव के सूर्यमणि शुक्ला लंबे अरसे से कर रहे थे। मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी मोहनलाल गुप्ता को माइनर को निकलवाने के लिए निर्देश दिया था।
सोमवार को एसडीएम व तहसीलदार रामजन्म यादव राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कुशहा माइनर का सीमांकन किया गया। सीमांकन स्थल पर नहर का कहीं भी नामो निशान नहीं पाया गया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार पाल ने बताया प्रतापगढ़ ब्रांच से कुशहा माइनर निकली हुई है। बहुत पहले पानी भी आता था।
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लोग सिंचाई भी करते थे। कुछ कतिपय लोगों ने नाहर को काटकर अपने खेत में मिला लिया है। सीमांकन कार्य पूर्ण होते ही सिंचाई विभाग जल्द से जल्द जेसीबी से खुदाई कराकर किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए जल मुहैया कराएगा। समाचार लिखे जाने तक एसडीएम कुंडा की मौजूदगी में सीमांकन कार्य चल रहा था।
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बिहार विकासखंड के खरैला गांव से होकर छतार की ओर जाने वाली माइनर को गांव के कुछ लोगों ने अपने खेत में मिलाकर समतल कर लिया था। कुशहा माइनर का कहीं भी अता पता नहीं था। इसकी शिकायत गांव के सूर्यमणि शुक्ला लंबे अरसे से कर रहे थे। मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी मोहनलाल गुप्ता को माइनर को निकलवाने के लिए निर्देश दिया था।
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सोमवार को एसडीएम व तहसीलदार रामजन्म यादव राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कुशहा माइनर का सीमांकन किया गया। सीमांकन स्थल पर नहर का कहीं भी नामो निशान नहीं पाया गया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार पाल ने बताया प्रतापगढ़ ब्रांच से कुशहा माइनर निकली हुई है। बहुत पहले पानी भी आता था।
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लोग सिंचाई भी करते थे। कुछ कतिपय लोगों ने नाहर को काटकर अपने खेत में मिला लिया है। सीमांकन कार्य पूर्ण होते ही सिंचाई विभाग जल्द से जल्द जेसीबी से खुदाई कराकर किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए जल मुहैया कराएगा। समाचार लिखे जाने तक एसडीएम कुंडा की मौजूदगी में सीमांकन कार्य चल रहा था।