गवाह के अपहरण का मामला: पूर्व सांसद व माफिया डॉन अतीक सहित 10 के खिलाफ गैंगस्टर मामले में 15 साल बाद हुई गवाही
सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य ने औरैया में तैनात इंस्पेक्टर केके मिश्रा का शपथ पूर्वक बयान दर्ज कराया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूर्व सांसद व उनके भाई सहित अन्य अभियुक्तों ने विधायक राजू पाल की हत्या के चश्मदीद गवाह को गवाही को रोकने के लिए अपहरण कर लिया था।
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बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई मोहम्मद अशरफ सहित 10 लोगों के खिलाफ 15 वर्ष पूर्व धूमनगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में एक गवाही पूरी हुई। वादी मुकदमा इंस्पेक्टर केके मिश्रा ने सोमवार को कोर्ट पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट, डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला कर रहे हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य ने औरैया में तैनात इंस्पेक्टर केके मिश्रा का शपथ पूर्वक बयान दर्ज कराया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूर्व सांसद व उनके भाई सहित अन्य अभियुक्तों ने विधायक राजू पाल की हत्या के चश्मदीद गवाह को गवाही को रोकने के लिए अपहरण कर लिया था। इसके साथ ही उन पर हत्या सहित कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। मामले में यह पहली गवाही पूरी हुई है। अदालत ने अब दूसरे गवाह को तलब किया है।
अतीक के खिलाफ 30 सितंबर 2007 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में वादी मुकदमा इंस्पेक्टर केके मिश्रा तीन मई 2013 को अदालत के समक्ष उपस्थित हुए थे। मामले में एक अभियुक्त अकबर की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने उसकेखिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया है।
अपहरण, मारपीट केमामले में नहीं हो सकी गवाही
बाहुबली अतीक अहमद पर जैद खालिद के अपहरण और मारपीट के मामले में सोमवार को गवाही नहीं हो सकी। मामले में एमपीएमएलए विशेष कोर्ट सुनवाई कर रही थी। गवाह देर से अदालत पहुंचा। उसके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सोमवार को गवाह गवाही देने में असमर्थ है। इस वजह से अदालत ने सोमवार को गवाही टाल दी और अब मामले में 21 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई है।