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terror funding : मदरसा संचालक व भाई की पुलिस कर रही तलाश
Wed, 15 Sep 2021 11:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:34 PM IST
सार
एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम जीशान को पकड़ने के बाद सबसे पहले मुफ्ती सैफुर्रहमान और फिर उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर गई। हालांकि दोनों लोग नहीं मिले। उनके मोबाइल भी बंद थे।
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विस्तार
टेरर फंडिंग के मामले में एटीएस ने मंगलवार को मदरसे के संचालक सैफुर्रहमान और उसके भाई उबैदुर्रहमान के वसीहाबाद स्थित घरों पर छापे मारे थे, हालांकि दोनों ही नहीं मिले थे। उबैदुर्रहमान तो पिछले कई दिनों से गायब है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों की तलाश की जा रही हैं। उनसे पूछताछ के बाद पता चलेगा कि टेरर फंडिंग में उनकी संलिप्तता है या नहीं।
एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम जीशान को पकड़ने के बाद सबसे पहले मुफ्ती सैफुर्रहमान और फिर उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर गई। हालांकि दोनों लोग नहीं मिले। उनके मोबाइल भी बंद थे। उबैदुर्रहमान के घर की महिलाओं ने बताया कि वह चार दिन पहले लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। उसके बाद से उनका मोबाइल भी बंद है। टीम ने दोनों के घर वालों से उनके सभी संभावित ठिकानों, करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम फोन नंबर नोट किए। बुधवार को भी पुलिस दोनों के घर पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं कि दोनों भाइयों के घर आखिर एटीएस क्यों गई थी?
करेली में दिनभर गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
करेली तथा आसपास के इलाकों में बुधवार को दिन भर टेरर फंडिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। मुफ्ती सैफुर्रहमान और उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर के पास लोग दिन भर पहुंचते रहे। एक दूसरे से ही नहीं मीडियाकर्मियों से भी लोग पूछते रहे कि और किसी का नाम तो नहीं आ गया? इस मसले पर सोशल मीडिया पर दिन भर चर्चा होती रही। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया तो कुछ ने इसे आने वाले चुनाव से प्रेरित बताया।
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एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम जीशान को पकड़ने के बाद सबसे पहले मुफ्ती सैफुर्रहमान और फिर उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर गई। हालांकि दोनों लोग नहीं मिले। उनके मोबाइल भी बंद थे। उबैदुर्रहमान के घर की महिलाओं ने बताया कि वह चार दिन पहले लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। उसके बाद से उनका मोबाइल भी बंद है। टीम ने दोनों के घर वालों से उनके सभी संभावित ठिकानों, करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम फोन नंबर नोट किए। बुधवार को भी पुलिस दोनों के घर पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं कि दोनों भाइयों के घर आखिर एटीएस क्यों गई थी?
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करेली में दिनभर गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
करेली तथा आसपास के इलाकों में बुधवार को दिन भर टेरर फंडिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। मुफ्ती सैफुर्रहमान और उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर के पास लोग दिन भर पहुंचते रहे। एक दूसरे से ही नहीं मीडियाकर्मियों से भी लोग पूछते रहे कि और किसी का नाम तो नहीं आ गया? इस मसले पर सोशल मीडिया पर दिन भर चर्चा होती रही। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया तो कुछ ने इसे आने वाले चुनाव से प्रेरित बताया।
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