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जेठ में दहका सूरज, पारा पहुंचा 48.5 पर, 37 साल का रिकार्ड टूटा

Mon, 05 Jun 2017 01:17 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 05 Jun 2017 01:17 AM IST
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temparature @48.5
Heat Wave
जेठ में रविवार को जमकर दहके सूरज ने 37 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। इससे पहले 6 जून 1979 को पारा 48.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। रविवार को पारा सामान्य से करीब 9 डिग्री अधिक 48.5 डिग्री सेल्सियस पर टिककर आग उगलता रहा। सुबह से ही तमतमाए सूरज ने इस कदर गर्मी का कहर बरपाया कि बाहर निकले लोगों की चमड़ी झुलस गई। न्यूनतम तापमान भी 30.6 डिग्री सेल्सियस के साथ रौब में रहा। सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक नीचे का पारा चढ़ने से दिन में तड़पाने वाली लू रात में भी तपिश का एहसास कराती रही। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गर्मी का कहर कुछ दिन जारी रह सकता है। इस बीच नमी गुम होने से एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं। कहीं आंधी-तूफान तो कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
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प्रचंड गर्मी का एहसास लोगों को रविवार की सुबह ही सूरज के तेवर देखकर हो गया था। छुट्टी का दिन होने के कारण लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जो बाहर निकले उन्हें तवा बनी सड़कों से उठ रही आंच ने झुलसाया। कूलर-एसी लगभग फेल हो गए। घरों के भीतर भट्ठी जैसी तपिश महसूस की गई। अस्पतालों, रोडवेज बस अड्डों, पार्कों व अन्य स्थानों पर भी लोग भीषण गर्मी से बेहाल रहे। सीएम के शहर में होने कारण यातायात प्रतिबंध और प्रचंड गर्मी के दौरान आम दिनों की तरह सड़कों पर चहल-पहल कम रही। दिन में तो सड़कों पर इक्का दुक्का लोग ही सिर मुंह ढांके दिखे। मौसम की इस मार को पुराने शहर में हुई बिजली कटौती ने दोगुना कर दिया।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक फिलहाल यह गर्मी का यह तेवर जारी रह सकता है। पारा और चढ़ा तो नमी गुम होने से मौसम बदलने के भी आसार हैं। उत्तर पूर्वी हवाओं के रुख से बादल छा सकते हैं। कहीं तेज आंधी तूफान और बारिश के साथ कहीं कहीं गरज चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। उन्होंने बताया कि हवा में नमी का प्रतिशत लगातार कम हो रहा है। इसकी वजह मरुस्थलीय क्षेत्रों से चलने वाली शुष्क हवाएं हैं। इसका असर तापमान के उतार चढ़ाव पर दिख रहा है। तीव्रता के साथ पड़ रही गर्मी से पश्चिमी विक्षोभ का क्षेत्र बनना शुरू हुआ तो 18 जून तक संभावित मानसून 15 जून तक दस्तक दे सकता है। प्रो. ओझा के मुताबिक फिलहाल के मौसम से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बदरा झूम के बरसेंगे। मतलब मानसून जोरदार होगा।
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