{"_id":"683c1511142f99fb280f5ad6","slug":"tejas-express-boulder-removed-from-near-railway-track-inquiries-made-in-nearby-villages-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tejas Express : रेलवे ट्रैक के पास से हटाया गया बोल्डर, आसपास के गांवों में हुई पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tejas Express : रेलवे ट्रैक के पास से हटाया गया बोल्डर, आसपास के गांवों में हुई पूछताछ
Sun, 01 Jun 2025 02:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 01 Jun 2025 02:23 PM IST
सार
दिल्ली-हावड़ा रूट के भीरपुर-मेजा रेलखंड पर तेजस राजधानी से बोल्डर टकराने के मामले में रेल प्रशासन ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिस स्थान पर तेजस राजधानी बोल्डर से टकराई थी।
विज्ञापन
तेजस एक्सप्रेस में यात्रियों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दिल्ली-हावड़ा रूट के भीरपुर-मेजा रेलखंड पर तेजस राजधानी से बोल्डर टकराने के मामले में रेल प्रशासन ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिस स्थान पर तेजस राजधानी बोल्डर से टकराई थी, वहां आसपास के गांवों में आरपीएफ ने शनिवार को पूछताछ की। साथ ही रेलवे की टीम ने रेल ट्रैक के किनारे रखे बोल्डर को वहीं पास में एक गड्ढे में डाल दिया।
विज्ञापन
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के सीनियर डीएससी विजय प्रकाश पंडित के निर्देश पर आरपीएफ ने कचरी गांव, देवरी कला, देहली भगेसर आदि गांवों में रहने वाले तमाम लोगों से बातचीत की। ऐसे लोगों के बारे में भी पूछा गया, जिनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास है। यह भी कहा गया कि अगर किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि दिखती है तो उसके बारे में आरपीएफ को सूचना की जाए। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखने की भी बात कही गई।
विज्ञापन
इस बीच घटना स्थल पर आरपीएफ की ओर से शनिवार को वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। रेलवे ट्रैक पर बोल्डर रखना किसी की शरारत है या साजिश, इन दोनों पहलुओं को केंद्र में रखते हुए आरपीएफ द्वारा जांच की जा रही है। उधर, बृहस्पतिवार रात हुई घटना के बाद मौके पर पहुंची पहली टीम ने रेलवे ट्रैक पर कोई भी संदिग्ध वस्तु न दिखने की बात कही थी, लेकिन लोको पायलट व अन्य के बयान दर्ज होने के बाद अलग बात सामने आने पर रेलवे प्रशासन ने संयुक्त कमेटी बनाई।
विज्ञापन
इसमें उप निरीक्षक एसके दुबे, टीआई छिवकी राहुल शुक्ला, सीएलआई छिवकी राजकुमार सिंह व एसएसई बृजमोहन प्रजापति के संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में अज्ञात व्यक्ति द्वारा गिट्टी रखने और उससे टकराहट होने की पुष्टि की थी। हालांकि, इस वाकये के बाद आरपीएफ पेट्रोलिंग पर भी सवाल खड़े हुए हैं। क्योंकि, जिस समय तेजस राजधानी से बोल्डर टकराया उसके बाद आधा दर्जन से अधिक राजधानी एक्सप्रेस की आवाजाही होती है।
फिर चर्चा में आया कचरी गांव
वर्ष 2011 में हुए किसान आंदोलन के बाद एक बार फिर कचरी गांव चर्चा में आ गया है। यहां पावर प्रोजेक्ट के भूमि मुआवजे को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था। फिलहाल, भीरपुर-करछना रेलवे ट्रैक के जिस स्थान पर बोल्डर मिला वह कचरी गांव से ज्यादा दूर नहीं है। उधर, आरपीएफ दिनभर अराजकतत्वों की जानकारी जुटाती रही। सीनियर डीएससी विजय प्रकाश पंडित का कहना है कि अभी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।