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तहसील कर्मचारी की मौत का मामला : एसडीएम लालगंज पर गिरी गाज, सीएम योगी के आदेश पर शासन ने किया सस्पेंड

Mon, 04 Apr 2022 12:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Apr 2022 12:39 PM IST
सार

एसडीएम की पिटाई के चलते नायब नाजिर सुनील शर्मा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में एसडीएम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद से ही एसडीएम फरार चल रहे हैं।

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Tehsil employee death case: SDM Lalganj CM Yogi directs to suspend him
प्रतापगढ़ : नायब नाजिर सुनील शर्मा। फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़

लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा के हत्यारोपी फरार एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को शासन ने सस्पेंड कर दिया। कर्मचारी की मौत के बाद से वह सरकारी आवास पर ताला बंद कर फरार है। अभी तक सीयूजी नंबर उसके पास ही है। उसके लखनऊ व सुलतानपुर में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।




लालगंज एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम व तीन अज्ञात लोगों ने 30 मार्च को आवासीय परिसर में रहने वाले नायब नाजिर सुनील शर्मा को बुरी तरह डंडों से पीटा था। जिससे सुनील की हालत बिगड़ गई। वह अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाता रहा मगर उसके जिंदा रहते कोई मदद करने को आगे नहीं आया। शरीर पर साफ चोट के निशान दिख रहे थे मगर उसे अपना चिकित्सकीय परीक्षण कराने के लिए भी पापड़ बेलना पड़ा।

Tehsil employee death case: SDM Lalganj CM Yogi directs to suspend him
प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : प्रतापगढ़

डीएम ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया था एसडीएम कोमेडिकल कराने के बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया। हालत बिगड़ने पर पहले लालगंज स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया। वहां से मेडिकल कालेज भेजा गया था। जहां दो अप्रैल की रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत दो घंटे तक स्वास्थ्य विभाग छिपाता रहा। सुनील की मौत के बाद जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को लालगंज से हटाते हुए मुख्यालय संबंद्घ कर लिया। उसके खिलाफ सुनील शर्मा की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

Tehsil employee death case: SDM Lalganj CM Yogi directs to suspend him
प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : प्रतापगढ़

आक्रोशित कर्मचारियों ने की तालाबंदी

घटना से आक्रोशित कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को प्रदेश व्यापारी तालाबंदी का निर्णय लिया था। सोमवार को तालाबंदी कर कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद प्रकरण ने मामले को गंभीरता से लिया। सीएम कार्यालय से फरार चल रहे हत्यारोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। फरार एसडीएम की गिरफ्तारी को लेकर कलेक्ट्रेट-तहसील में तालाबंदी

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Tehsil employee death case: SDM Lalganj CM Yogi directs to suspend him
प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : प्रतापगढ़

नौकरी से बर्खास्तगी, घटना की एसआईटी से जांच कराने की कर्मचारियों ने उठाई आवाज
लालगंज एसडीएम रहे ज्ञानेंद्र विक्रम व तीन अज्ञात की पिटाई से नायब नाजिर सुनील शर्मा की मौत से आक्रोशित साथी कर्मचारी सोमवार को तहसील व कलेक्ट्रेट में तालाबंदी कर हुंकार भरी। फरार एसडीएम की गिरफ्तारी व बर्खास्तगी होने तक चरणबद्घ तरीके से आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। तहसीलों में तालाबंदी के चलते सन्नाटा पसरा रहा। मुख्यालय व तहसीलों में कर्मचारियों के आंदोलन को अधिवक्ताओं ने अपना समर्थन दिया।

 


उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के सह संयोजक वशिष्ठ कुमार सिंह व संयोजक सत्येंद्र प्रताप सिंह के साथ सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी कलेकट्रेट पहुंचे। तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाया। संयोजक सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि परिजनों एवं कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम व तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मगर अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।

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प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : प्रतापगढ़

आरोपी एसडीएम को बर्खास्त, पीड़ित परिजनों को मिले एक करोड़ मुआवजा

कर्मचारी इस घटना से भयभीत है और अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी से मारपीट करने का किसी भी अधिकारी को अधिकार नहीं है। इस घटना ने प्रशासन की छवि को खराब किया है।


 

उन्होंने कहा कि संगठन आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम को बर्खास्त करने व उनके साथ ही अन्य तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक आश्रितों को एक करोड़ रूपए मुआवजा व नौकरी के साथ पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच कराने की मांग करता है। यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर आगे आंदोलन की रणनीति तैयार होगी।


 

इसके पूर्व कुंडा, पट्टी, लालगंज, रानीगंज व सदर तहसील में आक्रोशित कर्मचारी नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट रवाना हो गए। तहसीलों में तालाबंदी के चलते परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। सभी तहसीलों व मुख्यालय में कर्मचारियों के समर्थन में अधिवक्ता संगठन भी साथ खड़ा नजर आया। इस मौके पर हेमंत नंदन ओझा, अध्यक्ष मान सिंह, राम बरन सिंह, लाल साहब सिंह, बंशी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।

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