प्रयागराज : पुरानी पेंशन के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों ने भरी हुंकार
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एकजुटता दिखाई। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास धरने में हजारों राज्यकर्मी शामिल हुए और मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि पुरानी पेंशन के बहाली अलावा कोई समझौता मान्य नहीं है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी मौके पर मौजूद एडीएम सिटी को सौंपा।
पुरानी पेंशन समेत 11 सूत्रीय मांग को लेकर धरने का आयोजन कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पेंशनर्स अधिकार मंच की ओर से किया गया था। शिक्षक तथा कर्मचारी अलग-अलग स्थानों से जुलूस बनाकर पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। धरने में अफसरों और पेंशनर्स के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम तथा अलग-अलग विभागों के संविदा कर्मी भी शामिल हुए। संविदा कर्मियों ने नियमित करने तथा मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने तथा इसकी प्रक्रिया पूरी होने तक न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय करने की मांग की। कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर हमले बोले। कहना था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रहते हुए पुरानी पेंशन का समर्थन किया था लेकिन अब वह पीछे हट रहे हैं।
एनपीएस है जुआ
कर्मचारी नेताओं का कहना था कि एनपीएस बाजार के हवाले है। ऐसे में यह एक जुआ की तरह है। इसलिए उन्हें एनपीएस मान्य नहीं है। पुरानी पेंशन बहाली तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
30 नवंबर को लखनऊ में धरना, बनेगी आगे की रणनीति
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पेंशनर्स अधिकार मंत्र की ओर से पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 30 नवंबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई है। इसमें प्रदेश भर के शिक्षक-कर्मचारी शामिल होंगे। वक्ताओं का कहना था कि सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो 30 नवंबर को ही आगे के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।