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शिक्षक भर्ती: धरने पर बैठे अभ्यर्थी देर रात उठाए गए
Tue, 20 Oct 2020 10:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 20 Oct 2020 10:06 PM IST
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69 हजार शिक्षक भर्ती में चयन प्रक्रिया से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
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69000 सहायक अध्यापक भर्ती मेें आवेदन की गलती के कारण चयन प्रक्रिया से बाहर होने पर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर धरना दे रहे अभ्यर्थियों को सोमवार देर रात पुलिस ने हटा दिया। कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, हालांकि बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस ने आश्वासन दिया जिसके बाद नाराज अभ्यर्थी माने। मंगलवार को इस मुद्दे पर वार्ता होगी। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना था कि कोर्ट ने आवेदन की गलती सुधारने के पक्ष में आदेश दिया है, इसके बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से कुछ नहीं किया गया। कुछ जिलों में आवेदन में गलती होने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया।
शनिवार को सचिव ने अभ्यर्थियों से मोबाइल पर बात कर समस्या सोमवार तक हल करने का आश्वासन दिया था, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सोमवार को सचिव न तो अपने कार्यालय आए और न ही उन्होंने छात्रों के लिए कुछ किया। उनके इंतजार में प्रदेश के अलग-अलग भागों से कई अभ्यर्थी आए हैं, इसमें महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं। बड़ी संख्या में अभ्यथी भूख से परेशान सचिव का इंतजार करते रहे।
अभ्यर्थियों का कहना था कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद गिनती के चार से पांच दिन ही कार्यालय आए। शेष वह लखनऊ स्थित महानिदेशक कार्यालय से काम करते रहे। पूरी शिक्षक भर्ती खत्म होने के बाद भी वह एक भी दिन कार्यालय नहीं आए। सचिव की अनुपस्थिति में जब धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र बात की तो उनका कहना था कि हमारे पास किसी जिले का रिकार्ड नहीं है, वह कुछ नहीं कर सकते। छात्रों ने कहा कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो भूख हड़ताल होगी।
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शनिवार को सचिव ने अभ्यर्थियों से मोबाइल पर बात कर समस्या सोमवार तक हल करने का आश्वासन दिया था, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सोमवार को सचिव न तो अपने कार्यालय आए और न ही उन्होंने छात्रों के लिए कुछ किया। उनके इंतजार में प्रदेश के अलग-अलग भागों से कई अभ्यर्थी आए हैं, इसमें महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं। बड़ी संख्या में अभ्यथी भूख से परेशान सचिव का इंतजार करते रहे।
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अभ्यर्थियों का कहना था कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद गिनती के चार से पांच दिन ही कार्यालय आए। शेष वह लखनऊ स्थित महानिदेशक कार्यालय से काम करते रहे। पूरी शिक्षक भर्ती खत्म होने के बाद भी वह एक भी दिन कार्यालय नहीं आए। सचिव की अनुपस्थिति में जब धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र बात की तो उनका कहना था कि हमारे पास किसी जिले का रिकार्ड नहीं है, वह कुछ नहीं कर सकते। छात्रों ने कहा कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो भूख हड़ताल होगी।
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