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स्वरूप सिंह, सत्यभामा का वर्षों पुराना रिकार्ड है चुनौती

Sat, 17 Nov 2018 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Sat, 17 Nov 2018 01:53 AM IST
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Swaroop Singh, Satyabhama's old record is the challenge
जोगिंद्रनगर में लघु शिवरात्रि मेला के उपलक्ष्य पर आयोजित मैराथन को झंडी दिखाते एसडीएम राहुल चौहान - फोटो : अमर उजाला
इंदिरा मैराथन के पुरुष वर्ग में स्वरूप सिंह और महिलाओं में सत्यभामा का वर्षों पुराना रिकार्ड आज भी धावकों के लिए चुनौती है। खास यह कि  इंदिरा मैराथन के 33 वर्ष के इतिहास में इन खिलाड़ियों का रिकार्ड तोड़ना तो दूर कोई धावक इनके रिकार्ड के पास भी नहीं पहुंच सका। इंदिरा मैराथन की शुरुआत 1985 में हुई थी। उसके विजेता स्वरूप सिंह थे। उन्होंने दो घंटे 21 मिनट 18 सेकेंड में दौड़ पूरी की थी। इसके अगले वर्ष 1986 में अपने ही रिकार्ड में संशोधन करते हुए मात्र दो घंटे 13 मिनट 17 सेकेंड में दौड़ पूरी कर ली। उनका यह रिकार्ड अब भी कायम है। इनके बाद 2007-08 मे राम सिंह यादव ने दो घंटे 18 मिनट 20 सेकेंड तथा इसके अगले वर्ष दीपचंद्र शारण ने दो घंटे 19 मिनट 34.9 सेकेंड में यह दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता था। इनके अलावा कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिन्हाेंने दो घंटे 20 मिनट से कम समय में यह दौड़ पूरी की हो। इसी तरह से महिलाओं में 1996-97 में सत्यभामा ने दो घंटे 44 मिनट 40 सेकेंड में यह दौड़ पूरी करने का रिकार्ड बनाया है। इनके बाद कोई खिलाड़ी नहीं हुईं जिन्होंने दो घंटे 50 मिनट के भीतर यह दौड़ पूरी की हो।
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इंदिरा मैराथन में अब मात्र दो दिन शेष है। जिला और खेल प्रशासन का दावा है कि मैराथन रूट के अंतर्गत आने वाले सभी मार्ग समय से पूर्व दुरुस्त कर लिए जाएंगे लेकिन सड़कों के किनारे पड़ा मलबा खतरा बना हुआ है। मेयोहाल से धोबी घाट, हाईकोर्ट, मेडिकल कालेज से बैरहना डाट पुल समेत कई जगहों पर सड़क उबड़-खाबड़ है ही, मलबा भी फैला है। हालांकि, सीडीओ सैमुअल पॉल एन. तथा अन्य अफसरों ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। सीडीओ ने खतरे वाले स्थान चिह्ति किए और कार्यदायी संस्थाओं को उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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इंदिरा मैराथन के सभी वर्गों में शुक्रवार शाम तक कुल 1145 धावक रजिस्ट्रेशन करा चुके थे। इनमें मैराथन के लिए 160 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। महिला वर्ग में मात्र 16 धावकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। रजिस्ट्रेशन कराने वालों में 2016 में तीसरे स्थान पर रहीं अराधना तथा पिछले वर्ष 10वें नंबर पर रहीं कंचन सिंह भी शामिल हैं। महिलाओं में दो बाहर के जिलों की हैं। वहीं मैराथन के पुरुष वर्ग में 144 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अभी तक किसी बड़े खिलाड़ी का नाम सामने नहीं आया है लेकिन प्रयागराज से बाहर के नौ खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। क्रास कंट्री में 985 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें से 15 से 20 वर्ष बालक वर्ग में 738 तथा बालिका में 196 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। 45 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष वर्ग में 26 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। महिला वर्ग में दौड़ की दूरी आठ से घटाकर चार किमी करने का असर दिखा है। इस बार अब तक 25 महिला धावकों ने रजिस्ट्रेशन कराया लिया है। पिछले वर्ष 11 नामांकन हुए थे। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि रजिस्ट्रेशन 18 नवंबर तक होंगे।
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