Swami Avimukteshwaranand News : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धरना छठे दिन रहा जारी, तबीयत बिगड़ी
18 जनवरी, मौनी अमावस्या से ही माघ मेले में धरने पर बैठे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत शुक्रवार को बिगड़ गई। उनको बुखार हो गया है। खुले आसमान के नीचे छह दिन से बैठने के कारण उनकी सेहत बिगड़ गई है। शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने तबीयत खराब होने की पुष्टि की है।
विस्तार
18 जनवरी, मौनी अमावस्या से ही माघ मेले में धरने पर बैठे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत शुक्रवार को बिगड़ गई। उनको बुखार हो गया है। खुले आसमान के नीचे छह दिन से बैठने के कारण उनके स्वास्थ्य में खराबी आई है। चिकित्सकों से परामर्श लिया गया है। फिलहाल वह आराम कर रहे हैं और लोगों से मुलाकात करने से बच रहे हैं। शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने तबीयत खराब होने की पुष्टि की है।
मौनी अमावस्या पर मेला प्रशासन ने उनकी पालकी रोक दी थी और उन्हें वापस लौटा दिया था। शंकराचार्य के शिष्य और संतों का आरोप है कि चोटी और शिखा पकड़कर उनको पटक कर मारा गया। दंड छीनकर फेंक दिए गए। पिटाई के कारण कई साधु-संन्यासियों की हालत खराब हो गई।
घटना से नाराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू कर दिया है। उनको पुलिस ने पालकी समेत उनके त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के सामने छोड़ दिया था। तब से वह उसी अवस्था में अपनी पालकी पर ही बैठे हैं और अपनी जिद पर अड़े हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ उन्हें ससम्मान स्नान कराकर शिविर में प्रवेश कराएगा तभी वह अपने शिविर में जाएंगे।
तेज बुखार व थकान की शिकायत, शिविर के गेट पर ही कराया गया उपचार
माघ मेले में छह दिन से अपने शिविर के बाहर बैठे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। तेज बुखार व अत्यधिक थकान महसूस होने पर उनके शिष्यों ने वैद्य एवं चिकित्सकों से परामर्श लिया। उन्हें आयुर्वेदिक दवाएं दी जा रहीं हैं।
दोपहर में आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। दवाएं लेने के बाद शंकराचार्य शिविर गेट पर खड़ी फोर्स वैन में आराम करने चले गए। स्वास्थ्य कारणों से वह दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के बीच नहीं जा सके और न ही उससे मुलाकात कर सके। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह सहित कुछ महत्वपूर्ण लोगों से ही उन्होंने मुलाकात और फोन पर बातचीत की।
एलोपैथिक दवाएं नहीं लेते, आयुर्वेदिक उपचार जारी
शिष्यों के मुताबिक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एलोपैथिक दवाएं नहीं लेते। इसलिए उनके निजी वैद्य की ओर से आयुर्वेदिक उपचार किया जा रहा है। उन्हें बाहर लगातार कई दिनों से बैठे रहने के कारण सर्दी लगने की आंशका है। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान के लिए पालकी से जाने पर रोके जाने के कारण प्रशासन से टकराव के बाद से वह शिविर के बाहर बैठे हैं। शंकराचार्य का कहना है कि पुलिस ने जहां छोड़ा था, वहीं बैठे हैं। जब तक प्रशासनिक अधिकारी आकर क्षमा-याचना नहीं करते, वह बैठे रहेंगे रहेंगे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.