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ग्राम निधि में गबन, निलंबित ग्राम सचिव ने कर दिया भुगतान
Fri, 06 Aug 2021 01:13 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:13 AM IST
सार
- अधिकार मुक्त प्रशासक भी धांधली में शामिल, कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ बैठाई गई जांच
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विस्तार
कोरांव में ग्राम निधि खाते से 2.70 लाख रुपये गबन का मामला सामने आया है। निलंबित ग्राम सचिव और अधिकार विहीन एडीओ पंचायत (प्रशासक) ने भुगतान कर दिया। मामला सामने आने के बाद एडीओ पंचायत को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ जांच बैठा दी गई है।
अनियमितता के आरोप में बड़ोखर और बढ़वारी में तैनात ग्राम सचिव राजीव मिश्रा को जून में निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के गठन के बाद एडीओ पंचायत के अधिकार भी खत्म हो गए हैं। इसके बावजूद दोनों अफसरों ने गोवंश आश्रय स्थलों के मद में आई राशि का भुगतान कर दिया। उन्होंने 29 जुलाई को ग्राम पंचायतों के खातों में राशि स्थानांतरित कर दी।
ऐसे में सवाल उठने लगा है कि निलंबित ग्राम सचिव इतने दिनों तक वहां तैनात कैसे रहा। यह भी सवाल उठने लगा है कि उसके हस्ताक्षर से भुगतान कैसे हो गया। सीडीओ से इसकी शिकायत के बाद पंचायती राज विभाग तत्काल हरकत में आया है। डीपीआरओ आलोक कुमार ने बताया कि ग्राम सचिव निलंबित है। एडीपीओ को भी जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों अफसरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। साथ ही जांच बैठा दी गई है। डीपीआरओ ने बताया कि इनके खिलाफ रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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अनियमितता के आरोप में बड़ोखर और बढ़वारी में तैनात ग्राम सचिव राजीव मिश्रा को जून में निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के गठन के बाद एडीओ पंचायत के अधिकार भी खत्म हो गए हैं। इसके बावजूद दोनों अफसरों ने गोवंश आश्रय स्थलों के मद में आई राशि का भुगतान कर दिया। उन्होंने 29 जुलाई को ग्राम पंचायतों के खातों में राशि स्थानांतरित कर दी।
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ऐसे में सवाल उठने लगा है कि निलंबित ग्राम सचिव इतने दिनों तक वहां तैनात कैसे रहा। यह भी सवाल उठने लगा है कि उसके हस्ताक्षर से भुगतान कैसे हो गया। सीडीओ से इसकी शिकायत के बाद पंचायती राज विभाग तत्काल हरकत में आया है। डीपीआरओ आलोक कुमार ने बताया कि ग्राम सचिव निलंबित है। एडीपीओ को भी जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों अफसरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। साथ ही जांच बैठा दी गई है। डीपीआरओ ने बताया कि इनके खिलाफ रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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