संदिग्ध करा नहीं रहे जांच, लेना पड़ रहा पुलिस का सहारा

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sun, 26 Jul 2020 03:52 PM IST
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suspected not going to korona test, help to police

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प्रयागराज। पुराने शहर के कई मोहल्लों में चिन्हित किए गए संदिग्ध कोरोना की जांच से कतरा रहे हैं। इससे इलाके में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। संदिग्ध लोगों को आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सर्वे कर चिन्हित किया है। इलाके में शनिवार को जांच कराने के लिए पुलिस का भी सहारा लेना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं के मुताबिक अभी बहुत से ऐसे संदिग्द्ध हैं जिन्होंने अपनी जांच नहीं कराई है। ऐसे लोग जुकाम, बुखार, खांसी, बीपी, शुगर सहित कई बीमारियों से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के कीडगंज, मुट्ठीगंज, रानीमंडी, जॉनसनगंज, कटघर, कल्याणी देवी, नखास कोहना, बेनीगंज, करेली, मीरापुर, सुल्तानपुरभावा, कटघर, बाई का बाग, रामबाग, साउथ मलाका, चंद्रलोक के आसपास, लोकनाथ, भारती भवन और उसके आसपास के मोहल्लों में बड़ी संख्या में लोगों में बुखार, जुखाम, खांसी, सर्दी, बीपी, शुगर आदि बीमारियां हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त सर्वे अभियान चलाया था। अभियान के जरिए ही ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया। आंकड़ों के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या पांच हजार से अधिक है। इन इलाकों में संक्रमण के खतरे को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के कीडगंज शाखा, बेनीगंज शाखा और डफरिन में तीन स्थानों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट जांच करा रहा है। लेकिन इन स्थानों पर ज्यादा संख्या में लोग जांच कराने नहीं आ रहे हैं। जबकि इसके लिए उन्हें बाकायदा मोटिवेट किया जा रहा है और उन्हें यह बताया जा रहा है कि जांच कराने से कोरोना नहीं हो जाता है। इसके बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के पूछने पर कहते हैं कि वह ठीक है उन्हें कोई परेशानी नहीं है। फिलहाल इन इलाकों में रोजाना दो दर्जन से अधिक नए के सामने आ रहे हैं। और एक या दो की मौत भी हो रही है। कीडगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर श्रेया पांडे कहती हैं कि मुट्ठीगंज इलाके में आधा दर्जन से अधिक डेथ हो चुकी है। वह खुद आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के घरों पर जाकर दस्तक दे रही हैं और जांच कराने के लिए कह रही है इसके बावजूद भी लोग इंटरेस्ट नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई। शनिवार को कुछ लोगों की जांच कराने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ा तब लोग घरों से बाहर आए और कीडगंज सेंटर पर जांच कराया। डॉक्टर श्रेया पांडे ने कहा कि लोग नजरअंदाज कर रहे हैं इसकी वजह से उन्हें प्रॉब्लम भी हो रही है और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। फिल्म में काम कर रहे हैं मेडिकल ऑफिसर डॉ मिशम जैदी कहते हैं कि लोगों को जांच कराने के लिए मोटिवेट भी किया जा रहा है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि जांच कराने से कोरोनावायरस है बावजूद इसके लोग जांईच कराने से कतरा रहे हैं। जबकि लोगों खुद ही जय सेंटरों पर पहुंचकर जांच करानी चाहिए इससे संक्रमण का खतरा कटेगा और बीमारी को भी हराने में मदद मिलेगी। फिलहाल, बढ़ती संख्या के बीच जांच कराने से लोगों का कन्नी काटना एक समस्या बन गई है।
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