UP : संत कैलाशानंद की हत्या का संदिग्ध साजिशकर्ता कस्टडी रिमांड पर, सात दिन के लिए पुलिस को सौंपा गया
पुलिस की ओर से अर्जी देकर बताया गया कि अभियुक्त से पूछताछ अभी बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे कस्टडी रिमांड पर सौंपा जाए। ताकि अन्य सबूत इकट्ठा किए जा सकें। कोर्ट ने अर्जी मंजूर करते हुए आरोपी को सात दिन की कस्टडी रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया।
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महामंडलेश्वर कैलाशानंद की हत्या की साजिश रचने के मामले में पकड़े गए संदिग्ध विक्रम सिंह को पुलिस ने सात दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया है। अब उससे पूछताछ कर कई राज उगलवाए जाएंगे। बागपत निवासी विक्रम को एक दिन पहले परी अखाड़े की त्रिकाल भवंता की तहरीर पर धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया।
पुलिस की ओर से अर्जी देकर बताया गया कि अभियुक्त से पूछताछ अभी बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे कस्टडी रिमांड पर सौंपा जाए। ताकि अन्य सबूत इकट्ठा किए जा सकें। कोर्ट ने अर्जी मंजूर करते हुए आरोपी को सात दिन की कस्टडी रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। एसीपी करछना अजीत सिंह चौहान ने बताया कि कस्टडी रिमांड अवधि दो जनवरी को खत्म होने पर आरोपी को पुन: कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बागपत ले जा सकती है पुलिस
सूत्रों का कहना है कि मामले में अभी तमाम सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। मसलन पुलिस इस बात का पता नहीं लगा सकी है कि आरोपी महामंडलेश्वर कैलाशानंद के हरिद्वार स्थित आश्रम में क्यों गया था। अब तक यह भी नहीं पता चला है कि उसने दो आधार कार्ड कैसे और कहां से बनवाए। कस्टडी रिमांड के दौरान उनसे यही राज उगलवाने की कोशिश की जाएगी।
यह है मामला
बागपत निवासी विक्रम कुमार 23 दिसंबर को नैनी पुल के नीचे बने परी अखाड़े की त्रिकाल भवंता से मिलने आया था। आरोप है कि उसने खुद को योगेंद्र शर्मा बताया। उसके पास से दो आधार कार्ड, एक लैपटॉप व मोबाइल मिला था। इसके बाद उUPसके खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।