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केशरीनाथ ने कहा खो दी मैने अपनी छोटी बहन
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Sushma swaraj demise
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शोक संवेदना व्यक्त की है। सुषमा स्वराज से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी छोटी बहन को खो दिया है। उनके निधन से देश को क्षति तो हुई ही है, मुझे भी व्यक्तिगत रूप से क्षति हुई है। विदेश मंत्री रहतेे हुए उन्होंने देश वासियों के दिल में जो जगह बनाई उसके लिए वह हमेशा याद की जाएंगी’।
अपने आवास पर सुषमा स्वराज से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए केशरीनाथ ने बुधवार को कहा, पश्चिम बंगाल में राज्यपाल रहने के दौरान सुषमा स्वराज ने उनसे मॉरीशस में अगस्त 2018 में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में शिरकत करने का आग्रह किया था। बताया, ‘हिंदी सम्मेलन के समापन सत्र की मैंने अध्यक्षता भी की थी। उस दौरान वहां शिवपूजन का भी दायित्व उन्होंने मुझे ही दिया था’। केशरीनाथ ने हिंदी सम्मेलन के दौरान एक रोचक वाकये के बारे में भी बताया। कहा, ‘वहां तमाम अतिथियों के साथ मैं और सुषमाजी लंच करने के लिए बैठे। मुझे महसूस हुआ कि वहां लंच में मांसाहारी व्यंजन ज्यादा है। यह देख सुषमाजी ने मुझसे कहा कि त्रिपाठीजी जो खाना मैं खाऊं, वही आप भी खाइए। क्योंकि आपकी तरह मैं भी शाकाहारी हूं’।
बताया, इसके पूर्व प्रयागराज में मेरे चुनाव प्रचार के दौरान वह कई बार आईं। दो बार तो वह मेरे घर पर ही रुकीं। उनकी खास बात ये थी कि जिससे भी उनके संबंध बनते थे, वह पारिवारिक संबंध ही होते थे। लोकसभा में पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी के बाद वह दूसरी ऐसी सांसद रहीं जोे हिंदी की प्रखर वक्ता थीं। तमाम सांसद लोकसभा में उन्हें सुनना चाहते थे। उनसे मेरी आखिरी मुलाकात पिछले वर्ष दिल्ली में हुई थी।
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सुषमा ने कहा था, केशरीनाथ हैं संगमनगरी के हीरा
शहर दक्षिण विधानसभा चुनाव के दौरान केशरीनाथ त्रिपाठी का प्रचार करने आईं सुषमा स्वराज ने उन्हें संगमनगरी का हीरा कहा था। केशरीनाथ के करीबी एवं भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुके विजय मिश्र ने कहा कि सुषमा स्वराज ने जब केशरीनाथ को हीरा बताया तो लोगों ने खूब ताली बजाई। भाजपा नेता शिवेंद्र मिश्र ने कहा कि प्रयागराज आगमन के दौरान दो बार सुषमाजी को एयरपोर्ट से शहर लाने का उन्हें दायित्व मिला। शिवेंद्र ने बताया कि सुषमा एक अभिभावक की तरह पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का ख्याल रखती थीं।
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अपने आवास पर सुषमा स्वराज से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए केशरीनाथ ने बुधवार को कहा, पश्चिम बंगाल में राज्यपाल रहने के दौरान सुषमा स्वराज ने उनसे मॉरीशस में अगस्त 2018 में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में शिरकत करने का आग्रह किया था। बताया, ‘हिंदी सम्मेलन के समापन सत्र की मैंने अध्यक्षता भी की थी। उस दौरान वहां शिवपूजन का भी दायित्व उन्होंने मुझे ही दिया था’। केशरीनाथ ने हिंदी सम्मेलन के दौरान एक रोचक वाकये के बारे में भी बताया। कहा, ‘वहां तमाम अतिथियों के साथ मैं और सुषमाजी लंच करने के लिए बैठे। मुझे महसूस हुआ कि वहां लंच में मांसाहारी व्यंजन ज्यादा है। यह देख सुषमाजी ने मुझसे कहा कि त्रिपाठीजी जो खाना मैं खाऊं, वही आप भी खाइए। क्योंकि आपकी तरह मैं भी शाकाहारी हूं’।
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बताया, इसके पूर्व प्रयागराज में मेरे चुनाव प्रचार के दौरान वह कई बार आईं। दो बार तो वह मेरे घर पर ही रुकीं। उनकी खास बात ये थी कि जिससे भी उनके संबंध बनते थे, वह पारिवारिक संबंध ही होते थे। लोकसभा में पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी के बाद वह दूसरी ऐसी सांसद रहीं जोे हिंदी की प्रखर वक्ता थीं। तमाम सांसद लोकसभा में उन्हें सुनना चाहते थे। उनसे मेरी आखिरी मुलाकात पिछले वर्ष दिल्ली में हुई थी।
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सुषमा ने कहा था, केशरीनाथ हैं संगमनगरी के हीरा
शहर दक्षिण विधानसभा चुनाव के दौरान केशरीनाथ त्रिपाठी का प्रचार करने आईं सुषमा स्वराज ने उन्हें संगमनगरी का हीरा कहा था। केशरीनाथ के करीबी एवं भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुके विजय मिश्र ने कहा कि सुषमा स्वराज ने जब केशरीनाथ को हीरा बताया तो लोगों ने खूब ताली बजाई। भाजपा नेता शिवेंद्र मिश्र ने कहा कि प्रयागराज आगमन के दौरान दो बार सुषमाजी को एयरपोर्ट से शहर लाने का उन्हें दायित्व मिला। शिवेंद्र ने बताया कि सुषमा एक अभिभावक की तरह पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का ख्याल रखती थीं।