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मोरबी हादसा से सबक : 150 से अधिक छोटे-बडे़ पुलों की क्षमता का सर्वे शुरू, कर्जन पुल पर बढ़ा दी गई निगरानी

Wed, 02 Nov 2022 08:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 02 Nov 2022 08:37 PM IST
सार

डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि सभी एसडीएम के साथ एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, जिला पंचायत, विकास विभाग, नगर निगम समेत पुल एवं पुलिया का निर्माण कराने तथा देखरेख करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को सभी पुलों एवं पुलियों के सर्वे के लिए आदेश जारी किया गया है।

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Survey of capacity of more than 150 small and big bridges started
Prayagraj News : कर्जन पुल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गुजरात के मोरबी में हुए हादसे से सबक लेते हुए यहां के 150 से अधिक छोटे-बड़े पुलों की क्षमता का भी आंकलन किया जाएगा। इस बाबत डीएम की ओर से आदेश जारी होने के बाद मंगलवार को सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया। इसी सप्ताह सप्ताह सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। मोरबी में 142 साल पुराने पुल के टूटने से 135 लोगों की मौत हो गई। क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने से पुल टूटने की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद प्रयागराज के सभी पुलों तथा पुलियों की जांच का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पुल की क्षमता एवं गुणवत्ता का सर्वे किया जाएगा।

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डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि सभी एसडीएम के साथ एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, जिला पंचायत, विकास विभाग, नगर निगम समेत पुल एवं पुलिया का निर्माण कराने तथा देखरेख करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को सभी पुलों एवं पुलियों के सर्वे के लिए आदेश जारी किया गया है। विभागों से तीन से चार दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम ने बताया कि एडीएम, एसडीएम तथा एसीएम को वर्षों पुराने पुलों की निगरानी बढ़ाने के साथ अन्य जरूरी कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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इसी क्रम में लोक निर्माण की ओर से सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। नोडल लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके झा का कहना है कि जिले में 150 से अधिक पुल हैं। सभी का सर्वे किया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार को हो गई। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है।

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कर्जन पुल पर नहीं होगी भीड़

मोरबी की घटना के बाद फाफामऊ में गंगा नदी पर 1905 में बने कर्जन पुल की भी निगरानी बढ़ा दी गई है। क्षमता के अनुरूप ही पुल पर लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एसीएम और सीओ को सौंपी गई है। 117 वर्ष पुराने कर्जन पुल पर ट्रेनों तथा बड़े वाहनों का आवागमन काफी पहले प्रतिबंधित कर दिया गया है लेकिन सुबह और शाम के समय पुल पर काफी लोग एकत्रित होते हैं। सुबह के समय टहलने वालों की भी बड़ी संख्या होती है।


कुंभ-2019 के दौरान पुल को विशेष तरीके से सजाया गया था। इसके अलावा उसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस बाबत आईआईटी रूड़की की मदद से पुल की क्षमता का आकलन भी किया जा चुका है। इस तरह की पहल के बाद पुल पर और भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसे में मोरबी की घटना के बाद कर्जन पुल की निगरानी बढ़ा दी गई है। डीएम ने आदेश दिया है कि क्षमता के अनुरूप ही पुल पर लोगाें को जाने दिया जाए। किसी भी सूरत में क्षमता से अधिक लोग पुल पर न जाने पाएं। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एसीएम और सीओ को दी गई है।

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