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सुनील पहले भी रच चुका है पार्षद की हत्या की साजिश
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Sunil has already created the conspiracy to assassinate councilor
- फोटो : CITY DESK
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दो बार पहले भी रची जा चुकी है हत्या की साजिश
पार्षद को मारने की कोशिश कर चुके है आरोपी सुनील
2017 में कर रहे थे प्लानिंग, तभी पुलिस ने किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के गढ़वा में हुए मामले में नामजद सुनील पासी पहले भी अपने साथियों संग मिलकर भाजपा पार्षद शिवकुमार की हत्या की साजिश रच चुका है। एक बार 2016 व दूसरी बार 2017 में उसने पार्षद को मारने की प्लानिंग की लेकिन दोनों ही बार वह नाकाम रहा। 2017 में वारदात से पहले ही पुलिस ने उसे साथियों समेत गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, गढ़वा निवासी मुंडी उर्फ सुनीता पासी धूमनगंज थाने की हिस्ट्रीशीटर है। जिस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार को भाजपा पार्षद पर हमले में नामजद हिस्ट्रीशीटर सुनील पासी, रोहित व आशीष इसी गैंग के सदस्य हैं। पुलिस ने बताया कि सुनील दो बार पहले भी पार्षद की हत्या की साजिश रच चुका है।
मुंडी गैंग के हैं सदस्य
पुलिस का कहना है कि 2009 में सुनील के भाई सुरेश की सिविल लाइंस में हत्या कर दी गई थी। सुनील को शक था कि हत्यारोपी नैनी जेल में निरुद्ध पप्पू अग्रहरि उसके जानी दुश्मन शिवकुमार से मिला हुआ है। इसीलिए उसने कचहरी में दोनों को एक साथ मारने की योजना बनाई। इससे पहले 28 सितंबर 2016 को भी वह गढ़वा में ही शिवकुमार को मारने पहुंचा था जहां दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई थी। इसमें गोली लगने से संजय नामक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में सुनील, उसके साथी आशीष पासी व रोहित को नामजद किया गया था। जो घटना के बाद से फरार हो गए थे। इसके बाद अप्रैल 2017 में एक बार फिर सुनील शिवकुमार व पप्पू को कचहरी में मारने की साजिश रच रहा था। हालांकि वह वारदात को अंजाम देता, इससे पहले ही 23 अप्रैल 2017 को सूबेदारगंज डॉट पुल के पास से उसे दबोच लिया गया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर भी फायरिंग की। जिसमें जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने सुनील के साथ उसकी तीन साथियों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि इस दौरान रोहित व आशीष भाग निकले थे।
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पार्षद को मारने की कोशिश कर चुके है आरोपी सुनील
2017 में कर रहे थे प्लानिंग, तभी पुलिस ने किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के गढ़वा में हुए मामले में नामजद सुनील पासी पहले भी अपने साथियों संग मिलकर भाजपा पार्षद शिवकुमार की हत्या की साजिश रच चुका है। एक बार 2016 व दूसरी बार 2017 में उसने पार्षद को मारने की प्लानिंग की लेकिन दोनों ही बार वह नाकाम रहा। 2017 में वारदात से पहले ही पुलिस ने उसे साथियों समेत गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, गढ़वा निवासी मुंडी उर्फ सुनीता पासी धूमनगंज थाने की हिस्ट्रीशीटर है। जिस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार को भाजपा पार्षद पर हमले में नामजद हिस्ट्रीशीटर सुनील पासी, रोहित व आशीष इसी गैंग के सदस्य हैं। पुलिस ने बताया कि सुनील दो बार पहले भी पार्षद की हत्या की साजिश रच चुका है।
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मुंडी गैंग के हैं सदस्य
पुलिस का कहना है कि 2009 में सुनील के भाई सुरेश की सिविल लाइंस में हत्या कर दी गई थी। सुनील को शक था कि हत्यारोपी नैनी जेल में निरुद्ध पप्पू अग्रहरि उसके जानी दुश्मन शिवकुमार से मिला हुआ है। इसीलिए उसने कचहरी में दोनों को एक साथ मारने की योजना बनाई। इससे पहले 28 सितंबर 2016 को भी वह गढ़वा में ही शिवकुमार को मारने पहुंचा था जहां दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई थी। इसमें गोली लगने से संजय नामक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में सुनील, उसके साथी आशीष पासी व रोहित को नामजद किया गया था। जो घटना के बाद से फरार हो गए थे। इसके बाद अप्रैल 2017 में एक बार फिर सुनील शिवकुमार व पप्पू को कचहरी में मारने की साजिश रच रहा था। हालांकि वह वारदात को अंजाम देता, इससे पहले ही 23 अप्रैल 2017 को सूबेदारगंज डॉट पुल के पास से उसे दबोच लिया गया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर भी फायरिंग की। जिसमें जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने सुनील के साथ उसकी तीन साथियों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि इस दौरान रोहित व आशीष भाग निकले थे।
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