नैनी जेल में आत्महत्या का मामला : प्रेमिका के मुंह फेर लेने पर कर दिया नरसंहार और सामूहिक दुष्कर्म
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नवाबगंज के एक गांव में दंपती सहित उनकी दो बेटियों की 23 अप्रैल 2017 की रात में जघन्य हत्या कर दी गई थी। चार लोगों की हत्या से पूरे जिले में कोहराम मच गया था। आरोपियों ने हत्या से पहले 17 और 20 वर्षीय दोनों बेटियों के साथ दुष्कर्म भी किया गया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद परिवार में एक बेटा जो उस वक्त प्रतापगढ़ में परीक्षा देने गया था एक बेटी जो शिमला में रहती थी ही बचे थे।
बेटे ने शिवबाबू यादव, भल्लू यादव, जवाहरलाल, बाके यादव, नवीन यादव व नागेंद्र यादव के खिलाफ हत्या और सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन जब जांच हुई तो मामला पलट गया। 17 जुलाई 2017 को पुलिस ने नीरज मौर्या, मोहित पाल, प्रदीप पटेल और सत्येंद्र पटेल के नामों का खुलासा किया। जिसमें बताया गया कि नीरज और मारी गई 17 वर्षीय लड़की एक प्राइवेट विद्यालय में एक साथ पढ़ाते थे।
पैसे देने के बजाय लड़की ने एक दिन उसे गाली दे दी। जिससे बौखलाए नीरज ने लड़की को पूरे परिवार के साथ खत्म करने का निर्णय ले लिया था। 23 अप्रैल 2017 की रात नीरज मौर्या की बहन की शादी थी। घर में बहन की शादी हो रही थी और वह अपने साथियों के साथ रात में लड़की के घर पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म और जघन्य हत्या की वारदात को अंजाम दे रहा था। तब से वह जेल में था।