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चीनी, केरोसिन ऑयल वितरण पर संकट

Sun, 24 Jan 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Sun, 24 Jan 2016 01:10 AM IST
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जिले में पहली मार्च से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने जा रहा है। अधिनियम के तहत चयनित पत्र गृहस्थियों को सिर्फ गेहूं और चावल दिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिन अंत्योदय और बीपीएल कार्डधारकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल किया गया है, उन्हें सब्सिडी के साथ चीनी और केरोसिन मिलेगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। 

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इनके वितरण पर रोक का अलग से कोई आदेश तो जारी नहीं किया गया है लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि चीनी और केरोसिन ऑयल का वितरण होना है या नहीं। फिलहाल केंद्र सरकार ने इस पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। शनिवार को इलाहाबाद आए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो अपने स्तर से चीनी एवं केरोसिन ऑयल का वितरण कर सकती है।

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जिले में तकरीबन नौ लाख 89 हजार पात्र गृहस्थियों का खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शामिल किया गया है जबकि नौ लाख कार्डधारकों को पात्रता की शर्तें पूरी न कर पाने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सिर्फ गेहूं और चावल वितरित किए जाने का प्रावधान है। गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये किलो मिलेगा। इससे इतर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंत्योदय और बीपीएल कार्डंधारकों को चीनी एवं केरोसिन ऑयल और एपीएल कार्डधारकों को केरोसिन ऑयल भी दिए जाने का भी प्रावधान है। पहली मार्च से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद चीनी और केरोसिन ऑयल मिलेगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। 

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अफसर इस बारे में बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्हें भी शासन स्तर से नीति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है। हालांकि इसकी उम्मीद कम दिख आ रही है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद चीनी और केरोसिन ऑयल का वितरण होगा, क्योंकि प्रदेश के 16 जिलों में अब बाजार मूल्य पर सफेद केरोसिन ऑयल की बिक्री शुरू की जा रही है। ऐसे में कार्डधारकों को सब्सिडी वाला केरोसिन ऑयल मिलने की उम्मीद कम ही है। जहां तक चीनी का सवाल है तो कोटेदारों से अब तक पैसा नहीं जमा कराया गया है। ऐसे में चीनी के वितरण की उम्मीद भी कम लग रही है। 


उधर, आपूर्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस बात पर भी विचार चल रहा है कि जिन अंत्यादेय, बीपीएल और एपीएल कार्डधारकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल किया गया है, उनके कार्ड पर अधिनियम की मुहर लगा दी जाए और मुहर के आधार पर अधिनियम के तहत निर्धारित रेट पर गेहूं और चावल का वितरण किया जाए जबकि चीनी और कैरोसिन ऑयल अंत्यादेय, बीपीएल एवं एपीएल रेट पर दिया जाए। हालांकि यह अभी चर्चा तक ही सीमित है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद चीनी और केरोसिन ऑयल मिलेगा या नहीं, यह शासन स्तर से ही तय होगा।


‘खाद्य सुरक्षा अधिनियम में सिर्फ गेहूं और चावल वितरित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे में राज्य सरकार चाहे तो अपने स्तर से कार्डधारकों चीनी, कैरोसिन ऑयल या अन्य खाद्य सामग्री का वितरण करा सकती है। पश्चिमी बंगाल कार्डधारकों को 16 तरह की खाद्य सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।’

-राम विलास पासवान, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री

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