प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा कि किराया नियंत्रण कानून की धारा 20 (4) का लाभ केवल किरायेदार को ही मिलेगा। उप किरायेदार इस कानून का लाभ नहीं ले सकता। इस धारा के तहत किरायेदार बिना शर्त कोर्ट में बकाया किराया जमा कर सकता है और बेदखली को चुनौती दे सकता है। यह अधिकार उप किरायेदार को प्राप्त नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि उप किरायेदार को मकानमालिक के स्वामित्व पर आपत्ति करने और शर्त के साथ किराया कोर्ट में जमा करने से धारा 20 का लाभ प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने उप किरायेदार की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने मकान नं 13,80 परमत कानपुर नगर में उप किरायेदार सुमित नारायण तिवारी की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि धारा 14 का लाभ किरायेदार ही ले सकता है, उप किरायेदार नहीं। इसी तरह धारा 20 का भी लाभ किरायेदार को मिलेगा, उप किरायेदार को नहीं। याचिका में बेदखली आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत बकाया किराया, क्षतिपूर्ति और वादखर्च वसूली आदेश दिया गया था।