Prayagraj: सीएम योगी की फ्लीट के रूट पर स्टंट, बेकाबू रफ्तार से दौड़ाईं कारें, चार हिरासत में, दो गाड़ियां सीज
घटना दोपहर 3:30 बजे के करीब हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ को सिविल लाइंस में सरोजिनी नायडू मार्ग पर बनाए गए वीआईपी रूट से होकर विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए सूबेदारगंज जाना था। इसके लिए एजी ऑफिस चौराहे से पत्थर गिरिजाघर तक जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
विस्तार
सीएम योगी की फ्लीट आने से ठीक पहले वीआईपी रूट पर आठ कारों से आए दो दर्जन युवकों ने हंगामा मचा दिया। छतों व दरवाजों पर लटककर हूटर बजाते हुए बेकाबू रफ्तार से कारें दौड़ाईं, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस ने खदेड़ा तो अन्य भाग निकले जबकि दो कार पर सवार चार युवक पकड़ लिए गए। दोनों कारें सीज कर पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी रही।
घटना दोपहर 3:30 बजे के करीब हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ को सिविल लाइंस में सरोजिनी नायडू मार्ग पर बनाए गए वीआईपी रूट से होकर विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए सूबेदारगंज जाना था। इसके लिए एजी ऑफिस चौराहे से पत्थर गिरिजाघर तक जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
सिविल लाइंस थाने की फोर्स के साथ एसीपी सिविल लाइंस श्यामजीत प्रमिला सिंह भी लगातार रूट क्लीयर कराने व सुरक्षा के लिए गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आठ कारों का एक काफिला बहुत तेजी से एजी ऑफिस चौराहे की ओर से आया। इसमें से कुछ कारों पर हूटर भी लगे थे। हूटर बजाते हुए कारें आईं तो लोगों को लगा कि सीएम की फ्लीट आ गई है। हालांकि, जब बेकाबू रफ्तार में दौड़ रही इन कारों की छतों व दरवाजों पर लटककर स्टंट करते युवक दिखे तो लोग दंग रह गए।
स्टंटबाजों के काफिले के प्रधान डाकघर के पास पहुंचते ही यहां गश्त कर रहे सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव की नजर पड़ी ताे उन्होंने इन्हें रोकना चाहा। इस पर युवक कारें मोड़कर भागने लगे। इंस्पेक्टर ने मयटीम पीछा किया तो दो कारों पर सवार चार युवकों को पकड़ लिया गया। जबकि उनके अन्य साथी भाग निकले।
इसके बाद कार समेत चारों युवकों को थाने लाया गया। जहां दोनों कारें सीज कर दी गईं। पकड़े गए युवक सिविल लाइंस स्थित एक नामी कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं। उधर, थाने पहुंचे एक युवक के परिजनों ने पुलिस से बताया कि वह कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकला था।
चार युवकों को हिरासत में लिया गया है। उनके कब्जे से बरामद दो कारें भी सीज कर दी गई हैं। उनके परिजनों को बुलाया गया है। - श्यामजीत प्रमिला सिंह, एसीपी सिविल लाइंस
हो सकता था बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस तरह से तेज रफ्तार में कारें दौड़ाते हुए युवक स्टंट कर रहे थे, उससे बड़ा हादसा हो सकता था। उनके खुद के हादसे का शिकार होने के साथ राहगीरों के भी चपेट में आने का खतरा था। प्रत्यक्षदर्शियों का तो यह भी कहना है कि स्टंट करने वालों में कुछ नाबालिग भी लग रहे थे। अगर ऐसा है तो सवाल यह भी है कि नाबालिग होते हुए भी वह वाहन कैसे चला रहे थे।